UP : पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

UP: With the efforts of the Tourism Department, Koneshwar Mahadev Temple will get new splendor.

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Lucknow, 9 Feb, 2026 12:54 AM
UP : पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव
रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर महादेव मंदिर संवरेगा, एक करोड़ की धनराशि से होगा पर्यटन विकास

कोनेश्वर महादेव मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ, (आईपीएन)। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी। 

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। 

*कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर?*

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है। 

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक- मंत्री* 

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'

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