BJP UP अध्यक्ष का AKHILESH पर हमला, बोले : मतपेटियां लूट कर सरकार बनाने वालों को UP की जनता ने नकारा

BJP UP President attacked AKHILESH, said: The people of UP rejected those who formed the government by looting ballot boxes.

IPN Live

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Lucknow, 24 Nov, 2024 06:08 PM
नई दिल्ली, 24 नवंबर 2024 (आईपीएन)।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया। समाजवादी पार्टी की नीतियों और नेताओं को निशाने पर रखते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सपा के जो कारनामे हैं, परिणाम भी उसी के अनुरूप आया है। सपा अध्यक्ष बौखला गए हैं, क्योंकि यूपी की जनता ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश की बांटने वाली राजनीति को सिरे से नकार दिया है। 

ईवीएम छोड़िए, पोस्टल बैलेट में भी रामवीर सिंह को मिले 68 और रिजवान को सिर्फ 29 वोट

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने  कहा कि एक कहावत है 'नाच न जाने, आंगन टेढ़ा', जब जनता इनके खिलाफ जनादेश देती है तो ये तुरंत ही ईवीएम पर सवाल उठाने लगते हैं। ईवीएम छोड़िए, ये तो पोस्टल बैलट में भी धूल चाट रहे हैं। कुंदरकी में पोस्टल बैलेट में हमारे प्रत्याशी रामवीर जी को 68 जबकि इनके इनके रिजवान को केवल 2 9 वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि आखिर किस मुंह से ये धांधली की बात करते हैं। इन्हें पहले अपनी गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। मेरी सलाह है कि अखिलेश यादव को अपनी सद्बुद्धि के लिए श्रीराम से विनती करनी चाहिए। 

संविधान के नाम पर लोगों को बहकाने वाले ही संभल में संविधानिक शक्तियों पर ईंटों से प्रहार कर रहे

भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जो लोग हाथ में संविधान लेकर बहकाते फिर रहे थे, उन्हीं के शागिर्द और समर्थक आज संभल में संविधानिक शक्तियों पर ईंटों से प्रहार कर रहे हैं। संभल की घटना से साफ है कि संवैधानिक संस्थाओं को इन्हें सिर्फ अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना भाता है। ये लोग संवैधानिक संस्था के आदेश को नहीं मानते। इन्हें लगता है ये आज भी उसी मुगलिया सल्तनत के हिस्सा हैं, जिसने इस देश पर आक्रमण करके हमें सैकड़ों साल तक आक्रांत किया। संभल में आज हुए बवाल के पीछे भी अखिलेश की विभाजनकारी सोच ही हावी है।

यूपी जनता ने सपा व अखिलेश की बांटने वाली राजनीति को सिरे से नकार दिया

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूपी की जनता ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश की बांटने वाली राजनीति को सिरे से नकार दिया है, ऐसे में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बुरी तरह से बौखला गये हैं। सपा अध्यक्ष अनर्गल बयानबाजी करने लगे हैं। प्रदेश में हुए उप चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद भी समाजवादी पार्टी के नेता कोई सीख नहीं ले रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए वह विभाजनकारी मानसिकता को फैलाने वाली जिस प्रकार की बातें कर रहे हैं, वो 1947 में जिन्ना और सुहरावर्दी के 'डायरेक्ट ऐक्शन' के विचारों की तरह ही है। 

अखिलेश को बहुत गहरा लगा है उपचुनाव में मिली हार का दर्द

उन्होंने कहा कि बेचैनी, बदहवासी और हताशा-निराशा क्या होती है, समाजवादी पार्टी की आज की हरकतों से समझा जा सकता है। उपचुनाव में मिली करारी हार का दर्द इतना गहरा है कि अखिलेश जी रात भर करवटें बदलते रहे और सुबह होते-होते जनता को बहकाने और भटकाने के लिए एक नया शिगूफा छेड़ा है। कुंदरकी में 1,70,371 लोगों ने कमल के फूल का बटन दबाया है। रामवीर सिंह ने सपा प्रत्याशी को 1,44,791 वोटों से धराशायी किया है। जिस करहल में 2 साल पहले 67 हजार वोट से जीते थे, आज हार-जीत का अन्तर मात्र 14000 रह गया है। सीसामऊ में अंतर घटकर 8564 रह गया है। 3 दशक बाद एक बार फिर कटेहरी की जनता ने हम पर भरोसा जताया है। 

आखिर कब तक जनता को बरगलाएंगे अखिलेश

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मीरापुर, खैर, गाजियाबाद, मँझवा, हर जगह एक ही जनादेश है, कहां कहां से एफिडेविट इकट्ठा करेंगे। कुंदरकी में डेढ़ लाख का अन्तर है, किस-किसके एफिडेविट लाएंगे। अखिलेश यादव कब तक जनता को बगरगलाएंगे। सच्चाई ये है कि इस उपचुनाव में दुराचारियों को संरक्षण देने की वालों की राजनीति की दुकान पर ताला लग गया है। नकारात्मक राजनीति करने वालों को जनता ने सिरे से नकार दिया है। कन्नौज का नवाब ब्रांड दुष्कर्मी हो या अयोध्या को कलंकित करने वाला मोइद खान, गाजियाबाद में जज की गरिमा पर हमला करने वाला सपाई (नाहर सिंह) हो या हरदोई का हत्यारा सपाई नेता। करहल में एक दलित बेटी की हत्या सपाइयों ने कर दी।फूलपुर में मतगणना के समय हंगामा किया गया। सपा के साफ होने का संकेत स्पष्ट है। यह लूट और झूठ की पॉलिटिक्स के अंत की उद्घोषणा है। मतपेटियां लूट कर सरकार बनाने वालों को उत्तर प्रदेश की जनता ने नकार दिया है।

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