खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण दलितों का घोर अपमान : अजय राय

The purification of the stage after Kharge's rally is a grave insult to Dalits: Ajay Rai

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Lucknow, 13 Aug, 2026 08:30 PM
खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण दलितों का घोर अपमान : अजय राय
भाजपा की दलित विरोधी संकीर्ण मानसिकता उजागर, शुद्धिकरण की जरूरत मंच की नहीं बल्कि भाजपा-आरएसएस की सोच की : अजय राय

“यह केवल खड़गे जी का अपमान नहीं, देश के प्रत्येक दलित और बाबा साहब के संविधान पर प्रहार”

लखनऊ, 13 अगस्त (आईपीएन)। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हल्द्वानी में की गई विशाल रैली के बाद रैली स्थल के मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने दलित समाज का घोर अपमान करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से भाजपा की दलित विरोधी और संकीर्ण मानसिकता उजागर हुई है।

अजय राय ने जारी बयान में कहा कि खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना भाजपा की मानसिकता को सामने लाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि आजादी के दशकों बाद भी आरएसएस और भाजपा की दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण सोच बनी हुई है और इस घटना ने उनके आरोपों की पुष्टि कर दी है।

“शुद्धिकरण की जरूरत भाजपा और आरएसएस की जातिवादी राजनीति की”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मंच के शुद्धिकरण की घटना केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक दलित और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान पर प्रहार है।

उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण की आवश्यकता मंच की नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की जातिवादी राजनीति एवं मानसिकता की है। उनके अनुसार संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और बराबरी का दर्जा दिया है तथा किसी भी वर्ग के प्रति भेदभाव संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

भाजपा पर संविधान विरोधी मानसिकता का आरोप

अजय राय ने भाजपा और आरएसएस पर दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सार्वजनिक कार्यक्रमों में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही लोगों की कथित गतिविधियां संविधान की भावना के विपरीत दिखाई देती हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जीवनभर भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया। संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर भेदभाव करना संविधान की भावना के विरुद्ध है।

अयोध्या का भी किया उल्लेख

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के शिलान्यास और उद्घाटन के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस समय भी इसे दलित और आदिवासी समाज के सम्मान से जोड़कर देखा था।

अजय राय ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर हैं और कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। उनके अनुसार इस घटना को लेकर दलित समाज में आक्रोश है।

प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग

अजय राय ने कहा कि भाजपा द्वारा किए गए इस कथित संविधान विरोधी कृत्य के लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस को दलितों के सम्मान, समानता और संविधान की मूल भावना के प्रति अपनी सोच स्पष्ट करनी चाहिए।

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