सपा विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में किया परिवर्तित, बहुमत से पारित किया ‘अति निंदा प्रस्ताव‘

The SP Legislative Party meeting transformed itself into a session of the House and passed a ‘Motion of Extreme Censure’ by a majority.

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Lucknow, 29 Apr, 2026 07:22 PM
सपा विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में किया परिवर्तित, बहुमत से पारित किया ‘अति निंदा प्रस्ताव‘

लखनऊ, (आईपीएन)। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में बुद्धवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी विधायक दल की बैठक ने अपने को सदन में परिवर्तित करते हुए महिला आरक्षण पर 30 अप्रैल 2026 को आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव के विरोध में ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ बहुमत से पारित किया। महिला विधायकों ने एक स्वर में अति निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय ने जो पूर्व स्पीकर भी रहे चुके हैं, स्पीकर की वही भूमिका निभाते हुए ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ पर विधायकों की राय जानने के बाद हां के पक्ष में बहुमत घोषित करते हुए ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ को पारित घोषित कर दिया।

    ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ पर गीता पासी ने सर्वप्रथम चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हम इस ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ द्वारा केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा कस्ते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके हक़ अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण या सबलीकरण करना।

    विधायक पिंकी यादव ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि ये बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया, जबकि ये बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था।

    प्रस्ताव में विधायक सैय्यदा खातून का कहना था कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है।

    प्रस्ताव में विधायक इंद्राणी वर्मा ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी ‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार‘ की रूढ़िवादी सोच के लोग हैं, इसीलिए सामाजिक क्षेत्र तक में ये शोषित, दमित, वंचित, पीड़ित के साथ-साथ महिलाओं को भी हमेशा हेय दृष्टि से देखते हैं।

    प्रस्ताव में विधायक रेखा वर्मा ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की पुरुषवादी सामंती सोच आज भी नारी को मान, सम्मान या अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं देना चाहती है।

    विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने जोरदार शब्दों में प्रस्ताव पर कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की यही पुरुषवादी घिसीपिटी पुरानी सोच ‘आधी आबादी‘ अर्थात महिलाओं का मान नहीं करती है बल्कि बालिका, युवती या नारी के रूप में, जब भी वो कुछ कहना-करना चाहती हैं, तो भाजपाई और उनके संगी-साथी सदैव वो मौका ढूंढते हैं, जब वो स्त्रियों का पारिवारिक, सामाजिक, सार्वजनिक अपमान कर सकें और उनके चरित्र तक पर कीचड़ उछालकर उनका मानसिक उत्पीड़न करके, नारी के विरोध करने की शक्ति के मनोबल को तोड़ सकें।

    प्रस्ताव में विधायक मारिया शाह ने कहा हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों ने सदैव नारी के प्रति अपराध करनेवालों को माला पहनाकर स्वागत किया है। इनके दल के अनेक लोग महिलाओं के चतुर्दिक शोषण व अत्याचार से जुड़े है जिसके निंदनीय उदाहरण मणिपुर, गुजरात, उत्तराखण्ड, मप्र, यूपी आदि राज्यों में सर्वविदित हैं।

    प्रस्ताव में विधायक नसीम सोलंकी का मत था हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि ‘नारी वंदन‘ का ढोंग रचनेवाली भाजपाई सोच वस्तुतः नारी विरोधी है। वो कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस, गाजीपुर की बेटी का या कभी कानपुर की किसी नवविवाहिता का। ये भाजपाई नारी ‘वंदन‘ की जगह उनके ‘क्रंदन‘ का कारण बन रहे हैं।

    प्रस्ताव में विधायक मनोज पारस ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहाँ नारी-पुरुष की समानता व समकक्षता की बात हो। हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है।

    प्रस्ताव में विधायक ऊषा वर्मा का कहना था कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी के विरुध्द नारी को खड़ा करके, नारी एकता को तोड़ रही है।

    प्रस्ताव में विधायक आरके वर्मा ने कहा हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा चुनाव के समय नारी को प्रतिनिधित्व करने का सबसे कम अवसर देती है।

    प्रस्ताव में विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अपने संगठनों में नारी को कभी भी उचित मान-सम्मान-स्थान नहीं देते हैं।

    प्रस्ताव में विधायक पंकज मलिक ने कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी नारी के लिए कार्य स्थलों में जानबूझकर नकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहते हैं, जिससे वो घरों की दहलीज़ से बाहर न आ सकें।

    प्रस्ताव में विधायक शाहिद मंजूर का मत था कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी व उनके कुछ प्रवचनजीवी तथाकथित ज्ञानी लोग मंचों से नारी की स्वतंत्रता के हनन की बात करते हैं और केवल नारी के विचार-विचरण-परिधान पर नसीहतें देते है।

     प्रस्ताव में विधायक मुकेश वर्मा का कहना था कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अधिक बच्चों को जन्म देने की बात करके नारी के विरुध्द षड्यंत्र रचते हैं क्योंकि इससे नारी शारीरिक रूप से कमज़ोर होती है और घर की चहारदीवारी तक सीमित हो जाती है।

     प्रस्ताव में विधायक संग्राम यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ‘नारी को नारा‘ बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके।

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