एफसीआरए और परिसीमन बिल का सपा करेगी विरोध: अखिलेश यादव

SP will oppose FCRA and delimitation bill: Akhilesh Yadav

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Lucknow, 10 Aug, 2026 11:07 PM
एफसीआरए और परिसीमन बिल का सपा करेगी विरोध: अखिलेश यादव

अखिलेश बोले- सरकार संस्थाओं पर कब्जा करने और अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए एफसीआरए बिल ला रही, भाजपा पर भूमाफिया होने का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026 (IPN)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी परिसीमन बिल और एफसीआरए बिल का विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संस्थाओं पर कब्जा करने के उद्देश्य से एफसीआरए बिल ला रही है और इसके जरिए ऐसी संस्थाओं को डराने का प्रयास किया जाएगा, जिन्हें अच्छे कार्यों के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलती है।

सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एफसीआरए के जरिए अल्पसंख्यक संस्थाओं को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई संस्थाएं काम कर रही हैं और एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा एक संस्था पर कब्जा किए जाने का भी आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर भूमाफिया होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। उनके मुताबिक जहां खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जा करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वहां आस्था से खिलवाड़ किया गया तथा जमीनों के दाम कम समय में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए।

विदेश जाने वाले धन पर सरकार से सवाल

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले काला धन वापस लाने और देश का पैसा विदेश नहीं जाने देने का वादा किया था। उन्होंने सवाल किया कि जब बड़ी मात्रा में लोगों का पैसा भारत से बाहर चला गया तो सरकार ने उसे रोकने के लिए क्या किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विदेश से भारत आने वाले धन पर पाबंदी लगाने की बात करती है, लेकिन भारत का पैसा विदेश जाने पर रोक लगाने को लेकर स्पष्ट कदम नहीं उठाती। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने पुराने नारों को याद करना चाहिए और बताना चाहिए कि देश का पैसा बाहर जाने से रोकने के लिए क्या किया गया।

सरकार सवालों से भाग रही: अखिलेश

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता विपक्ष के प्रतिनिधियों को चुनकर भेजती है और सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है।

उन्होंने दिल्ली में छात्रों और नौजवानों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस, लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई हुई, जिससे कई छात्र घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हुए। उन्होंने इलाहाबाद में छात्रों पर दर्ज मुकदमों का भी मुद्दा उठाया और दावा किया कि ऐसे बच्चों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए जो आंदोलन में शामिल नहीं थे।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने पहले मुकदमे न दर्ज करने और किसी को परेशान न करने की बात कही थी, लेकिन बाद में अपने वादे से पीछे हट गई।

परिसीमन बिल पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार परिसीमन बिल के जरिए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलना चाहती है, लेकिन देश की वास्तविक सीमाओं को लेकर सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं क्या थीं और वर्तमान में स्थिति क्या है। उनके अनुसार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव की बात की जा रही है, लेकिन देश की सीमाओं की स्थिति पर सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।

ममता बनर्जी पर कथित हमले को बताया निंदनीय

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले पर अखिलेश यादव ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यदि किसी सरकार द्वारा उन पर हमला कराया गया है तो यह बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इतनी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने ममता बनर्जी को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

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