मायावती ने जेन-अल्फा की शिक्षा को लेकर जताई चिंता, कहा—बुनियादी सुविधाओं के लिए बच्चों का सड़कों पर उतरना दुखद
Mayawati expressed concern about Gen-Alpha education, saying it was sad that children were taking to the streets for basic amenities.
IPN Live
Lucknow, 20 Aug, 2026 12:36 PMलखनऊ, 20 अगस्त 2026 (आईपीएन)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने जेन-अल्फा पीढ़ी के बच्चों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सिलसिलेवार पोस्ट के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों से सरकारी स्कूलों की बुनियादी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।
मायावती ने कहा कि जेन-अल्फा यानी वर्ष 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियां, विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राएं और उनके माता-पिता, बेहतर भविष्य की उम्मीद में अच्छी शिक्षा को लेकर लगातार चिंतित और संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि देशभर और खासकर उत्तर प्रदेश व उत्तर भारत के राज्यों में स्कूलों की बदतर स्थिति की जमीनी हकीकत के कारण अब ये लोग मुखर हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जेन-जी के देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान में जेन-अल्फा के बच्चे भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। मायावती ने कहा कि जिन मासूम बच्चों के हंसने-खेलने और पढ़ने-लिखने के दिन हैं, उन्हें प्रारंभिक शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है।
‘शिक्षित बनो’ के आह्वान का किया उल्लेख
बीएसपी प्रमुख ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के 'शिक्षित बनो' के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुजन समाज के लोगों के लिए शिक्षा, विशेषकर स्कूली शिक्षा, हमेशा महत्वपूर्ण चिंता का विषय रही है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की सरकारों के दौरान उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में दबे-कुचले और शोषित-पीड़ित वर्गों के हित, कल्याण और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित मानवतावादी एवं कल्याणकारी भारतीय संविधान की भावना के अनुरूप प्रत्येक परिवार को रोटी-रोजी, शिक्षा और आत्मसम्मान के साथ समतामूलक जीवन उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सरकारी स्कूलों की अनदेखी का लगाया आरोप
मायावती ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बेहतर करने पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय विभिन्न सरकारों ने इसकी उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की प्रक्रिया में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं और बीएसपी इसका लगातार विरोध करती रही है।
उन्होंने स्कूलों में भवन, शिक्षकों, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब नन्हे जेन-अल्फा बच्चे भी इन समस्याओं को लेकर मुखर और आंदोलित हैं।
‘बच्चों की मांगों पर सहानुभूति से ध्यान दें सरकारें’
बीएसपी अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों से जेन-अल्फा के बच्चों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जरूरतों और मांगों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारों को सही नीयत और नीति के साथ इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए तथा बच्चों के आंदोलनों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से पूरी तरह बचना चाहिए।
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