हिन्दू महासभा ने कहा: भारत के अंदर रहने वाले हर व्यक्ति के लिए हिन्दू राष्ट्र का ही कानून लागू होना चाहिए
Hindu Mahasabha said: The laws of the Hindu nation should be applicable to every person living inside India.
IPN Live
Lucknow, 13 Apr, 2024 11:40 PMलखनऊ, 13 अप्रैल 2024 (आईपीएन)। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने आज यहां कुर्सी रोड स्थित प्रान्तीय कार्यालय में अपना 109वां स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हिन्दू महासभा के पूर्व क्रान्तिकारी नेताओं के कार्यों को याद किया।
श्री त्रिवेदी ने हिन्दू महासभा के इतिहास पर चर्चा करते हुए बताया कि अखिल भारत हिन्दू महासभा भारत का सबसे पुराना हिन्दूवादी राजनीतिक संगठन है। संगठन की शुरू से ही एक धारणा रही है कि हमारा भारत अखंड हिन्दू राष्ट्र होना चाहिए। भारत के अंदर रहने वाले हर व्यक्ति के लिए हिन्दू राष्ट्र का ही कानून लागू होना चाहिए। भारत के सभी शासनिक-प्रशासनिक और न्यायालयों के मामलों का निपटारा भी प्राचीन हिन्दू ग्रंथों के अनुसार होने चाहिए। महासभा का गठन लाला लाजपत राय द्वारा पंजाब हिन्दू महासभा के नाम से 1876 में किया गया था। इसके बाद अखिल भारत हिन्दू महासभा के नाम से राष्ट्रीय स्तर का संगठन बनाया गया। सर्वप्रथम हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व प्राचीन माया नगरी हरिद्वार के महाराजा मणीन्द्र चंद्र नंदी को दिया गया। गांधी, नेहरू, जिन्ना जैसे राष्ट्र विरोधी कार्य करने वाले लोग ही हमेशा हिन्दू महासभा का किसी ना किसी प्रकार से विरोध करते रहते थे। श्री त्रिवेदी ने बताया कि हिन्दू सभा के निर्माण से निराश हिन्दुओं की कई, आवश्यकताओं की पूर्ति हुई। बिखरा हिन्दू समाज एक ही मच पर आता दिखायी देने लगा। उत्तर-दक्षिण, सनातनी वैदिक, सिक्ख, जैन, आर्य, बौद्ध, कबीरपंथी तथा सभी धर्म के लोग एक हुए और हिन्दू सभा ने प्रमाणित कर दिया कि हिन्दू वह है जो भारत में प्रादुर्भूत धर्म में आस्था रखता है। एक राष्ट्र और एक स्वामी विचारधारा के सिद्धान्त पर जोर दिया जाने लगा। महाराजा अशोक व चन्द्रगुप्त के समय प्रस्थापित प्राचीन गौरव के लिये भारत में पुनः हिन्दू राष्ट्र निर्माण करने के उद्देश्य को लेकर हिन्दू सभा के निर्माण के प्रयास जारी थे। आगे चलकर पं. मदन मोहन मालवीय तथा लाला लाजपत राय जैसे हिन्दूवादी नेताओं ने इसका विस्तार किया। उन्होंने बताया कि अखिल भारत हिन्दू महासमा ने राष्ट्र को पं. मदन मोहन मालवीय, स्वामी श्रद्धानन्द, शंकराचार्य कुर्तकोटि, लाला लाजपत राय, भाई परमानन्द, भिक्षु उत्तम, शंकराचार्य भारती कृष्ण तीर्थ, वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चैटर्जी के पूज्य पिता एन.सी. चैटर्जी, महन्त दिग्विजयनाथ आदि को हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में राष्ट्र भक्त दिये। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद हिन्दू महासभा के विहार प्रदेश अध्यक्ष थे तो पूर्व लोकसमा अध्यक्ष मीरा कुमार के पूज्य पिता जगजीवन राम बिहार प्रदेश कार्यालय मंत्री थे। साप संस्थापक पूज्य छी. हेडगेवार हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। पूर्व सरसंघचालक गुरु गोलवलकर हिन्दू महासभा के केन्द्रीय कार्यालय में कार्यरत थे। इस महान परम्परा को वर्तमान में स्वामी चक्रपाणि महाराज अखिल भारत हिन्दू महासभा के तीसवें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में 25 जुलाई 2006 से नेतृत्व कर रहे है।

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