SIR में फ़ार्म 7 की धांधली नहीं रुक रही है : अखिलेश यादव
Form 7 fraud in SIR is not stopping: Akhilesh Yadav
IPN Live
Lucknow, 3 Feb, 2026 09:25 AMलखनऊ, (आईपीएन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि माननीय न्यायालय संज्ञान ले। भाजपाई घपलेबाज ख़ुद से फ़ार्म 7 छापकर, नक़ली हस्ताक्षर करके पीडीए समाज के वोटरों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समाज का वोट कटवाने में लगे हैं। हर पत्रकार से अपील है, अपना मीडिया धर्म निभाएं, लोकतंत्र बचाएं। जो भी मीडिया, वो चाहे गाँव-मोहल्ले-स्थानीय स्तर का हो या ज़िले-मंडल-राज्य स्तर का अगर वो ये ख़बरें दिखा रहा है और लोकतंत्र के चौथे खंभे की सार्थक भूमिका निभा रहा है, तो हम उसके साथ हैं।
अपने जारी बयान में अखिलेश ने कहा कि सिवाय निर्वाचन आयोग के ये बात सबको पता है। हमारे बार-बार अपील करने पर भी एसआईआर में फ़ार्म 7 की ये धांधली नहीं रुक रही है। उन्होंने कहा कि फ़ार्म 7 का दुरुपयोग एक बहुत बड़ा अपराध है। इसके ग़ैरक़ानूनी इस्तेमाल की क्या सज़ा क्या हो सकती है। इसके बारे में चुनाव आयोग विज्ञापन प्रकाशित करे और भाजपाई और उनके संगी-साथियों को चेतावनी दे। हमारे पीडीए-प्रहरी और जागरूक वोटर तो इस फ़र्ज़ीवाड़े के भंडाफोड़ का प्रयास कर ही रहे हैं, चुनाव आयोग भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आगे आए।
श्री यादव ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि मुख्य चुनाव आयुक्त को चेताने के लिए कोई उनका ही नाम फ़ार्म सात का इस्तेमाल करके साफ़ कर दे। सभी न्यूज़ चैनलों, अख़बारों से अपील है कि वो इस महा-घोटाले का पर्दाफाश करें। हम स्थानीय यूट्यूबर व लोकल न्यूज़ कर्मियों से लोकतंत्र के हित में ये माँग करते हैं कि आप इस महाघोटाले का भंडाफोड़ करें व अपने स्तर पर प्रकाशित-प्रसारित करें। हम आपकी विश्वसनीय रिपोर्ट को पूरे देश-प्रदेश के सामने रखेंगे व आपकी ईमानदार पत्रकारिता को सच्चे दर्शकों-पाठकों तक पहुंचाएंगे।इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर में फ़ार्म 7 के माध्यम से जो भी कोई, किसी और का नाम वोटर लिस्ट से कटवाने का ग़ैरक़ानूनी अपराध करेगा, उसके खि़लाफ़ एफ आई आर लिखवाई जाए। ये लोगों की पहचान, जाति, सब्सिडी, काम, दुकान, कारोबार, नौकरी, संविदा, खेत, ज़मीन हड़पने का षड्यंत्र भी हो सकता है। इसीलिए हर मतदाता चौकन्ना होकर अपने वोट की जाँच-पड़ताल करे। समस्त पीडीए प्रहरी जुट जाएं और एफआईआर लिखवाएं या क़ानूनी मदद के लिए पार्टी कार्यालय से संपर्क करें। वोटरों के नाम काटनें में शामिल कोई भी गुनाहगार बचना नहीं चाहिए चाहे वो सत्ताधारी दल का बूथ स्तर का कार्यकर्ता हो, पदाधिकारी, पार्षद, विधायक, सासंद, मंत्री या फिर कोई भी अधिकारी। भाजपा और उनके संगी-साथियों का भंडाफोड़ करने में जुट जाएं और ‘पीडीए प्रहरी’ का कर्तव्य और भी मुस्तैदी से निभाएं!

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