नकारात्मक टिप्पणियों से न घबराएं, जनसेवा में जुटे रहें जनप्रतिनिधि : सतीश महाना
Don't be afraid of negative comments, public representatives should remain engaged in public service: Satish Mahana
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Lucknow, 26 Aug, 2026 03:25 AMसाइबर सुरक्षा की अंतिम कार्यशाला में विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को चुनावी दौर में संयम, मर्यादा और डिजिटल सतर्कता का दिया संदेश
लखनऊ, 26 अगस्त (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा का अवसर बड़े सौभाग्य से मिलता है। अपयश के बाद भी जनता की सेवा में निरंतर जुटे रहने वाला जनप्रतिनिधि ही वास्तव में सबसे बड़ा जनप्रतिनिधि होता है। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक के लिए उसका जनप्रतिनिधि ही सबसे बड़ा सहारा होता है।
लखनऊ के होटल सेंट्रम में “साइबर सुरक्षा : ए डिजिटल सिक्योरिटी ब्रीफिंग फॉर लेजिस्लेटर्स” विषय पर चौथी एवं अंतिम कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया पर आने वाली नकारात्मक टिप्पणियों से विचलित न होने की सलाह दी।
महाना ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि पूरे दिन समाज के लिए मेहनत करता है, लेकिन सोशल मीडिया पर दो-चार नकारात्मक कमेंट देखकर हताश हो जाता है। ऐसे नकारात्मक कमेंट्स से निराश होने की जरूरत नहीं है। जनप्रतिनिधियों को जनता की सेवा करते रहना चाहिए, क्योंकि उनके कार्यों का मूल्यांकन जनता करती है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता। जनता के सुख-दुःख में उसके साथ खड़ा रहना और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना भी उसकी जिम्मेदारी है। जनसेवा के इस दायित्व को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निभाया जाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र बेहद चुनौतीपूर्ण है और पिछले चार वर्षों में विधानसभा के सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी निष्ठा से कार्य किया है। विधानसभा चुनाव निकट हैं, ऐसे में सभी सदस्यों को संयम और मर्यादा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि का जनता के प्रति दायित्व सदैव बना रहता है। इसलिए सभी सदस्यों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय मर्यादाओं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए।
साइबर सुरक्षा को लेकर विधायकों को किया जागरूक
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने साइबर अपराध, डेटा सुरक्षा, डिजिटल खतरों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को अपने मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सजग रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि किसी भी डिजिटल उपकरण अथवा निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जा सकता है, इसलिए जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है। कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को साइबर अपराध और डिजिटल खतरों से बचाव के साथ सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना रहा।
मंत्रियों ने भी साइबर सुरक्षा को बताया जरूरी
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में हुए विभिन्न नवाचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक और साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए आवश्यक है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने विधायिका और इंटरनेट से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए तकनीक के दुरुपयोग को रोकने तथा डिजिटल व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर बल दिया। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने भी साइबर एवं डिजिटल सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला के दौरान डॉ. सुरभि, मंजू शिवाच, रवि शर्मा, डॉ. आर.के. वर्मा, मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह, प्रतीक भूषण सहित अन्य विधायकों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने जवाब दिया।
कार्यक्रम के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधानसभा अधिकारियों को पूरे कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत एवं सुरेन्द्र दिलेर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे सहित विधानसभा के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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