चंदा चोर, वोट चोर, मजदूरी चोर—भाजपा की लूट चारों ओर: आराधना मिश्रा मोना

Donation thieves, vote thieves, wage thieves—BJP's loot is everywhere: Aradhana Mishra Mona

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Lucknow, 16 Oct, 2026 03:24 AM
चंदा चोर, वोट चोर, मजदूरी चोर—भाजपा की लूट चारों ओर: आराधना मिश्रा मोना

मनरेगा के बाद वीबी-जी राम जी योजना में भी फर्जी हाजिरी के आरोप, नौ जिलों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर चंदा और चढ़ावे की कथित चोरी, मतदाता सूची से नाम हटाने के विवाद और अब गरीब मजदूरों की मजदूरी में कथित गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से शुरू की गई मनरेगा योजना का नाम बदलकर लाई गई वीबी-जी राम जी योजना में भी डिजिटल हाजिरी के कथित फर्जीवाड़े के आरोप गंभीर हैं। इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि यूपीए सरकार ने ग्रामीण मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन रोकने के उद्देश्य से मनरेगा कानून बनाया था। इसके तहत सरकार की जवाबदेही भी तय की गई थी, ताकि गरीब परिवारों को आजीविका का सहारा मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदल दिया, लेकिन अब इसी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं।

नौ जिलों में डिजिटल हाजिरी पर उठाए सवाल

आराधना मिश्रा मोना ने अयोध्या, संभल, रामपुर, हरदोई, गाजीपुर, देवरिया, महराजगंज, चंदौली, गाजियाबाद, बहराइच और जालौन से संबंधित शिकायतों और रिपोर्टों का हवाला देते हुए डिजिटल हाजिरी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बारिश और जलभराव के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होने के मामलों का वास्तविक कार्यस्थलों से मिलान कराया जाना चाहिए।

कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत विवरण के अनुसार, अयोध्या में 25 से 27 सितंबर के बीच 1,124 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने और संभल में 5,587 मजदूरों की हाजिरी से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं। रामपुर और हरदोई में भी प्रतिकूल मौसम के दौरान दर्ज उपस्थिति की जांच की मांग की गई है।

गाजीपुर में 26 और 27 सितंबर को हजारों मजदूरों की हाजिरी दर्ज होने तथा 2 अक्टूबर को भी बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए गए। देवरिया में तीन दिनों के दौरान 13,754 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के विवरण का भी हवाला दिया गया। कांग्रेस ने कहा कि इन सभी मामलों में यह सत्यापित किया जाना चाहिए कि दर्ज कार्य वास्तव में हुए थे या नहीं और मजदूरों की उपस्थिति वास्तविक थी या नहीं।

क्लोन ऐप से फर्जी हाजिरी दर्ज करने का आरोप

कांग्रेस ने चंदौली, गाजियाबाद और बहराइच में सरकारी एनएमएमएस ऐप से मिलते-जुलते कथित क्लोन ऐप के इस्तेमाल के आरोपों को भी गंभीर बताया। आरोप है कि पहले से सुरक्षित तस्वीरों के जरिए मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने और विभागीय लॉगिन आईडी तथा पासवर्ड का दुरुपयोग करने की कोशिश की गई।

जालौन के कुठौंद ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में अलग-अलग कार्यस्थलों के लिए एक जैसी तस्वीरें अपलोड किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने मांग की कि तस्वीरों, मस्टर रोल, वास्तविक कार्यस्थलों और मजदूरी भुगतान का तकनीकी सत्यापन कराया जाए।

केंद्र की चेतावनी के बावजूद निगरानी पर सवाल

आराधना मिश्रा मोना ने दावा किया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 8 जुलाई 2025 को डिजिटल हाजिरी में हेरफेर और एनएमएमएस ऐप के दुरुपयोग को लेकर राज्यों को आगाह किया था। उनके मुताबिक, मंत्रालय ने तस्वीरों की प्रामाणिकता, वास्तविक और दर्ज मजदूरों की संख्या में अंतर तथा एक ही तस्वीर के कई मस्टर रोल में इस्तेमाल जैसी विसंगतियों की पहचान की थी।

उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि इन निर्देशों के अनुपालन में क्या कदम उठाए गए, कितने संदिग्ध मामलों की जांच हुई और कितने मामलों में कार्रवाई रिपोर्ट केंद्र को भेजी गई। कांग्रेस ने संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।

कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच और वसूली की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि संबंधित जिलों में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कथित क्लोन ऐप, एपीके फाइल, एक्सेस-की और विभागीय लॉगिन के इस्तेमाल की जांच हो। संदिग्ध हाजिरी का मजदूरी भुगतान और वास्तविक काम से मिलान किया जाए तथा गड़बड़ी प्रमाणित होने पर नियमानुसार धन की वसूली और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य गरीब मजदूरों को रोजगार और आजीविका सुरक्षा देना है। सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पूरे प्रदेश में व्यापक जांच से ही कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

प्रेसवार्ता में शिव पाण्डेय, कुंवर सिंह निषाद, प्रियंका गुप्ता, सचिन रावत, सिद्धिश्री, डॉ. अलीमुल्ला खान और मान सिंह चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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