कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण के एक अंश ‘शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो रहा है’ को बताया हास्यास्पद
Congress termed a portion of the Governor's address as 'improvement is taking place in the field of education and health' ridiculous
IPN Live
Lucknow, 20 Feb, 2023 05:59 PMलखनऊ, 20 फरवरी 2023 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि राज्यपाल के अभिभाषण का एक अंश शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो रहा है हास्यास्पद है। जहां पूरे प्रदेश के स्वास्थय विभाग की व्यवस्था चरमरा चुकी है वहीं प्रदेश के स्वास्थय मंत्री का निरीक्षण कहीं कारगर साबित होते नजर नहीं आया। पूरे प्रदेश के अस्पतालों में जहां चिकित्सक सहित पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी देखी जा रही है वहीं पर राजधानी स्थित बहुत ही महत्वपूर्ण कैंसर संस्थान स्वयं कैंसर से पीड़ित दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने आईपीएन को बताया कि प्रदेश मुख्यालय के कैंसर संस्थान में पूर्ण कालिक निदेशक का ना होना चिकित्सा एवं स्वास्थय के प्रति सरकार की उदासीनता दर्शाता है। जहां 56 चिकित्सक/विशेषज्ञों को होना चाहिए वहीं पर 25 डॉक्टरों की तैनाती सरकार की लापरवाही का ही परिणाम है। संस्थान में 200 से अधिक बेड के वार्ड और ओटी के तैयार होने के बावजूद केवल 100 बेड का उपयोग गंभीर मरीजों के साथ खिलवाड़ है।
प्रव्रक्ता ने बताया कि नेशनल इंस्टीटयूट रैंकिंग फ्रेमवर्क की ओवरऑल रैंकिंग में केजीएमयू पिछड़ता जा रहा है। जहां वर्ष 2018 में केजीएमयू 23वें स्थान पर था वह 75वें स्थान पर पहुंच गया है। विगत दिनों जब पूरे प्रदेश में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ था उस समय प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते उच्च न्यायालय द्वारा स्वयं संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निजी तौर पर उपस्थित होने का आदेश हुआ इसके बावजूद भी स्वास्थय विभाग की लापरवाही रूकने का नाम नहीं ले रही है। आज राज्यपाल द्वारा अभिभाषण का एक अंश यह भी रहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो रहा है हास्यास्पद लगा।
प्रवक्ता ने बताया कि लगता है कि लोकतंत्र को समाप्त करने की केन्द्र सरकार सौगंध खाकर आई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस का महा अधिवेशन आसन्न है, इसी समय पर महा अधिवेशन को बाधित करने के कुप्रयास में तमाम नेताओं पर ईडी द्वारा छापेमारी की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इन नौ वर्षों में यदि देखा जाये तो 95 प्रतिशत से अधिक ईडी, आयकर, सीबीआई, द्वारा केवल विपक्ष के नेताओं पर छापेमारी की गई, यह भाजपा की कायरता को दर्शाता है।

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