आपदा पर BSP का एक्शन मोड: मायावती ने नेताओं को मैदान में उतरने का दिया निर्देश, कहा- पीड़ितों की मदद करें, चंदा नहीं जुटाएं
BSP in action mode on disaster: Mayawati instructed leaders to go to the field, saying – help the victims, not collect donations
IPN Live
Lucknow, 27 Sep, 2026 08:05 PMलखनऊ, 27 सितम्बर 2026 (आईपीएन)। देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तूफान से पैदा हुए संकट के बीच बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी को राहत कार्यों के लिए सक्रिय करने का बड़ा निर्देश जारी किया है। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर तत्काल मदद मिलनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने विस्तृत संदेश में मायावती ने साफ कहा कि देश के कई हिस्सों में लोग प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हैं और ऐसे कठिन समय में सरकारों का कर्तव्य है कि वे हर स्तर पर पीड़ितों के साथ खड़ी हों।
महाराष्ट्र में सूखे और किसानों की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए BSP प्रमुख ने राज्य सरकार को नसीहत दी कि किसानों के संकट को केवल सरकारी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें वास्तविक राहत पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
BSP संगठन को दिया मैदान में उतरने का संदेश
मायावती ने साफ संकेत दिया कि BSP अब केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सामाजिक सरोकारों के मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को तीन सेक्टरों में विभाजित किया गया है और सभी सेक्टर प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने सेक्टर-1 और सेक्टर-2 के चारों केंद्रीय प्रभारियों से कहा कि जिन राज्यों में बारिश और तूफान से भारी तबाही हुई है, वहां BSP कार्यकर्ता अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद करें।
चंदा जुटाने पर सख्त रोक
हालांकि मायावती ने साथ ही एक सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहत कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार का चंदा या अलग से धन संग्रह नहीं किया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति या संगठन इसका अनुचित लाभ न उठा सके।
यह संदेश पार्टी संगठन के लिए स्पष्ट निर्देश माना जा रहा है कि सेवा कार्य पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ किए जाएं।
जरूरत पड़ी तो ईशान आनंद को भेजेंगी, खुद भी कर सकती हैं दौरा
BSP प्रमुख ने कहा कि यदि स्थिति की मांग हुई तो पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को भी अधिक प्रभावित राज्यों में भेजा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की स्थिति पर उनकी व्यक्तिगत निगरानी बनी हुई है और आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकती हैं।
केंद्र सरकार को भी दी नसीहत
मायावती ने अपने संदेश के अंत में केंद्र सरकार से अपील की कि वह प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे राज्यों को समय पर भरपूर आर्थिक और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराए, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों के अनुसार मायावती का यह संदेश केवल आपदा राहत तक सीमित नहीं है। इसके जरिए BSP ने एक साथ तीन बड़े संदेश देने की कोशिश की है। पहला, पार्टी जनता के दुख-दर्द के साथ खड़ी है। दूसरा, संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से सक्रिय किया जा रहा है। और तीसरा, BSP आगामी राजनीतिक चुनौतियों से पहले अपने कैडर को सामाजिक सरोकारों के जरिए जनता के बीच मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का संकेत दे रही है।
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