राज्यसभा रण में भाजपा का महाशक्ति प्रदर्शन: योगी की मौजूदगी में आठ प्रत्याशियों का नामांकन, 2027 का सियासी संदेश भी हुआ जारी

BJP's show of might in Rajya Sabha battle: Eight candidates filed nominations in Yogi's presence, political message for 2027 also released

IPN Live

IPN Live

Lucknow, 7 Oct, 2026 12:39 AM
राज्यसभा रण में भाजपा का महाशक्ति प्रदर्शन: योगी की मौजूदगी में आठ प्रत्याशियों का नामांकन, 2027 का सियासी संदेश भी हुआ जारी

जितेंद्र त्रिपाठी

लखनऊ, 06 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)।
उत्तर प्रदेश की सियासत में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के बहाने शक्ति, संगठन और सामाजिक समीकरणों का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे राजनीतिक गलियारों में 2027 की चुनावी तैयारी के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा के आठों राज्यसभा प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर विपक्ष को अपनी राजनीतिक ताकत का स्पष्ट संदेश दिया।

भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया को भाजपा ने पूरी तरह राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में तब्दील कर दिया।

योगी, दोनों डिप्टी सीएम और सहयोगी दल एक मंच पर

नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ब्रजेश पाठक के साथ एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल की मौजूदगी ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया।

प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, कपिल देव अग्रवाल, बलदेव ओलख एमएलसी और पार्टी पदाधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।

सिर्फ नामांकन नहीं, सामाजिक समीकरणों का सियासी ब्लूप्रिंट

भाजपा की उम्मीदवार सूची पर गौर करें तो पार्टी ने एक बार फिर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति को आगे बढ़ाया है। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, महिला प्रतिनिधित्व और संगठन से जुड़े चेहरों को प्रमुखता देकर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि आगामी चुनावों में उसकी राजनीति सामाजिक विस्तार और संगठनात्मक मजबूती के इर्द-गिर्द ही घूमेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उम्मीदवारों का चयन केवल राज्यसभा भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पार्टी ने अपने विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने और भविष्य की चुनावी बिसात बिछाने का प्रयास किया है।

प्रदेश मुख्यालय बना राजनीतिक शक्ति का केंद्र

नामांकन से पहले भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उत्साह और राजनीतिक गतिविधियों का माहौल देखने को मिला। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने सभी प्रत्याशियों का स्वागत और अभिनंदन किया।

विपक्ष के लिए साफ संदेश

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में भाजपा का संख्या बल पहले से मजबूत है, लेकिन इसके बावजूद जिस तरह शीर्ष नेतृत्व, संगठन और सहयोगी दलों को एक मंच पर लाया गया, वह विपक्ष के लिए एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। भाजपा ने यह दिखाने की कोशिश की है कि उत्तर प्रदेश में संगठन और सत्ता के बीच तालमेल पूरी तरह मजबूत है तथा एनडीए गठबंधन भी मजबूती से खड़ा है।

2027 की दस्तक सुनाई देने लगी

राजनीतिक हलकों में इस नामांकन को महज संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की शुरुआती सियासी दस्तक के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा के बहाने भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं, सहयोगी दलों और सामाजिक समूहों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि चुनावी तैयारी का पहिया पूरी रफ्तार से घूमना शुरू हो चुका है।

#BJP #RajyaSabhaElection #YogiAdityanath #UPPolitics #PankajChaudhary #NDA #Lucknow #PoliticalNews #RajyaSabhaNomination #BJPUP #IPNNews #JitendraTripathi #UttarPradeshPolitics #BreakingPoliticalNews

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.