अखिलेश ने कहा : टैरिफ की वजह से UP का निर्यात बुरी तरह प्रभावित

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि टैरिफ की वजह से उत्तर प्रदेश का निर्यात बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रतिशोधात्मक टैरिफ भाजपा सरकार की नाकाम नीतियों का परिणाम है, उसका खामियाजा निर्यातक व उन पर निर्भर बाकी व्यवसाय, पैकिंग व ट्रांसपोर्ट उद्योग तथा कामगार-कलाकार-शिल्पकार व उनके परिवार क्यों भुगते।

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Lucknow, 27 Aug, 2025 11:36 PM
अखिलेश ने कहा : टैरिफ की वजह से UP का निर्यात बुरी तरह प्रभावित

लखनऊ, (आईपीएन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि टैरिफ की वजह से उत्तर प्रदेश का निर्यात बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रतिशोधात्मक टैरिफ भाजपा सरकार की नाकाम नीतियों का परिणाम है, उसका खामियाजा निर्यातक व उन पर निर्भर बाकी व्यवसाय, पैकिंग व ट्रांसपोर्ट उद्योग तथा कामगार-कलाकार-शिल्पकार व उनके परिवार क्यों भुगते।

श्री यादव ने निर्यातकों को संबोधित एक पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यातक तबाही के कगार पर खड़े हैं। एक्सपोर्ट्स का पेमेंट साइकल बिगड़ गया है। निर्यातकों के सप्लायर्स और वेंडर्स अलग से परेशान हैं। ऐसे समय में सरकार सामने आए और ओडीओपी के तहत आने वाले सभी उत्पादों को विशेष राहत प्रदान करे व अन्य उत्पादों को भी सुरक्षा-कवच प्रदान करे, जिससे कि वो विदेशी पाबंदियां से अपने को बचा पाएं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो लाखों निर्यातकों का काम-कारोबार ठप हो जाएगा और करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इससे प्रदेश में बेरोज़गारी की समस्या और भी विकराल रूप से लेगी। सरकार अगर इस कठिन समय में प्रदेश के उद्योगों को सहायता और संरक्षण प्रदान नहीं करेगी तो फिर सरकार के होने का क्या मतलब रह जाएगा।

श्री यादव ने निर्यातकों से कहा कि ये समय हर भेद को भूलकर एकजुट होकर, बात-बात पर दबाव बनाकर चंदा वसूलने वाली भाजपा सरकार के सामने अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखने और मनवाने का है। हम आपके साथ हैं क्योंकि ये लाखों परिवारों की आजीविका और जीवनयापन का विषय है। साथ ही ये उत्तर प्रदेश में उद्योग-कारोबार व निवेश के भविष्य का भी सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसे कई उपाय हैं, जिनसे वो इस टेरिफाइंग टैरिफ इमर्जेंसी के बुरे असर से प्रदेश के निर्यातकों को बचाने के लिए मदद कर सकती है, दरअसल कमी कोष की नहीं सोच की है।

अखिलेश ने कहा कि बनारसी साड़ी से लेकर, कार्पेट उद्योग, पीतल उद्योग, ताला व हार्डवेयर उद्योग, चमड़ा उद्योग, इत्र उद्योग, स्पोर्ट्स उद्योग, फूड व प्रोसेस्ड प्रॉडक्ट्स, स्टोन-मार्बल उद्योग, रेडीमेड गारमेन्ट्स, मूंज, जरहजरदोजही, होम फर्निशिंग, बांस, सुनारी, बिंदी, वुड प्रॉडक्ट्स, शजर पत्थर शिल्प, सिरेमिक, लकड़ी के खिलौने, घुंघरू-घंटी, आयरन फैब्रिकेशन, कांच उद्योग, जूट वॉल हैंगिग, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, टेराकोटा, हींग, हैंडमेड पेपर, सॉफ्ट ट्वॉयज, केला फाइबर, एल्यूमीनियम बर्तन, चिकनकारी, फर्नीचर, गौरा पत्थर शिल्प उत्पाद, तारकशी, मेटल क्रॉफ्ट आइटम्स, बांसुरी, हैंडलूम व हस्तशिल्प के अरबों-खरबों रूपये के प्रॉडक्ट्स बीच समंदर जहाजो में फंसे पड़े हैं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की विदेश नीति का ये कमाल है। अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से अकेले यूपी में 500 उद्योगों पर बंदी और लाखों श्रमिकों पर बेरोजगार होने का संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कितने उद्योग बंद होंगे और कितने लाख लोग बेरोजगार होंगे इसी से अंदाज़ा लगा सकते हैं। 

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