लखनऊ-कानपुर हाईवे की दुर्दशा पर अजय राय ने राज्यपाल को लिखा पत्र

Ajay Rai wrote a letter to the Governor on the plight of the Lucknow-Kanpur Highway.

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Lucknow, 11 Aug, 2026 09:28 PM
लखनऊ-कानपुर हाईवे की दुर्दशा पर अजय राय ने राज्यपाल को लिखा पत्र
नवनिर्मित हाईवे में सड़क धंसने, गड्ढों और जलनिकासी की समस्या का उठाया मुद्दा; प्रधानमंत्री के समक्ष मामला उठाने की मांग

लखनऊ, 11 अगस्त 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की कथित बदहाली को लेकर प्रदेश की राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने राज्यपाल से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और इसे प्रधानमंत्री के समक्ष उठाने का अनुरोध किया है।

अजय राय ने अपने पत्र में हाल ही में नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मार्ग को आधुनिक और तेज यातायात की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क के धंसने, गड्ढे बनने और जलनिकासी की समस्या की खबरें सामने आने लगीं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि मार्ग के कुछ हिस्सों में पुलों और क्रैश बैरियर में भी दरारें सामने आई हैं तथा मरम्मत के बाद सड़क दोबारा खराब होने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उद्घाटन के दो दिन बाद इस मार्ग पर हुई एक दुर्घटना में बाइक सवार की मौत हुई।

टोल वसूली रोकने का भी किया उल्लेख

अजय राय ने पत्र में कहा है कि हाईवे की स्थिति को देखते हुए एनएचएआई को मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोकनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण सरकार को करीब 575 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आ रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के करीब 4,200 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद इतनी कम अवधि में सड़क की स्थिति खराब होने के लिए जिम्मेदारी किसकी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआई की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है।

निर्माण एजेंसी को लेकर भी उठाए सवाल

पत्र में अजय राय ने निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी के संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कंपनी भाजपा के एक राज्यसभा सांसद के भाई से जुड़ी हुई है और आरोप लगाया कि इसी वजह से कंपनी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस पत्र में उपलब्ध सामग्री के आधार पर नहीं हुई है।

स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग

अजय राय ने राज्यपाल से मांग की है कि वह प्रधानमंत्री के समक्ष इस मामले को उठाते हुए स्वतंत्र तकनीकी जांच, निर्माण की गुणवत्ता की जांच और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की जांच की मांग करें। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों, संबंधित मंत्रालय और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने का भी आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईवे उद्घाटन के इतने कम समय बाद खराब क्यों होने लगा और इसकी कीमत जनता को क्यों चुकानी पड़ रही है।

राज्यपाल से जनहित में हस्तक्षेप की अपील

अजय राय ने पत्र में राज्यपाल के हालिया गोरखपुर दौरे और वहां जनसुविधाओं एवं प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर उनकी सार्वजनिक चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी राज्यपाल का हस्तक्षेप अपेक्षित है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के समक्ष उठाने से यह संदेश जाएगा कि राज्यपाल की चिंता किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हितों से जुड़ी है।

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