अब्बास अंसारी की सदस्यता रद्द, UP विधानसभा ने चुनाव आयोग को भेजी सूचना

Abbas Ansari's membership cancelled, UP Assembly sends information to Election Commission

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Lucknow, 2 Jun, 2025 01:50 PM
अब्बास अंसारी की सदस्यता रद्द, UP विधानसभा ने चुनाव आयोग को भेजी सूचना

लखनऊ, (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मऊ विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। शनिवार को एमपी-एमलए स्पेशल कोर्ट ने अब्बास अंसारी को 2 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट के निर्णय के बाद यूपी विधानसभा सचिवालय ने रविवार को आदेश जारी कर मऊ सीट रिक्त घोषित कर दी। सदस्यता रद्द होने के बाद अब्बास अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कानूनी दांवपेच के साथ सियासती घेराबंदी का भी सामना करना पड़ सकता है।

अब्बास अंसारी माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की टिकट पर मऊ से विधायक निर्वाचित हुए थे, आपराधिक मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद विधायकी गंवानी पड़ी। इस मामले में वह लंबे समय तक जेल में भी रहे। फिलहाल, जमानत पर बाहर आए थे।

राजभर बोले-हाईकोर्ट में देंगे चुनौती सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष मंत्री ओपी राजभर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, अब्बास हमारी पार्टी के विधायक हैं। पार्टी उनके साथ है। हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से से कहेंगे कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद फैसला लें। 

क्यों निरस्त की गई सदस्यता?अब्बास अंसारी को हाल ही में आर्म्स एक्ट और आचार संहिता उल्लंघन जैसे मामलों में दोषी करार दिया गया है। यूपी विधानसभा ने इसी आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत उनकी सदस्यता निरस्त किया है।

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 क्या है?जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत किसी जनप्रतिनिधि को यदि 2 साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। विधानसभा सचिवालय ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए अब्बास अंसारी की मऊ सीट को रिक्त घोषित किया है।

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