मतदाता सूची में 19.20 लाख फर्जी वोटरों का दावा, अखिलेश ने भाजपा और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
Akhilesh Yadav questions BJP and Election Commission over claims of 19.20 lakh fake voters in voter list
IPN Live
Lucknow, 16 Oct, 2026 02:07 PM‘समाजवादी ईसीआई ऑडिट-1’ जारी कर लगाए गंभीर आरोप, 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर सतर्क रहने की अपील
लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा के पीडीए प्रहरियों ने अब तक 19 लाख 20 हजार 732 संदिग्ध फर्जी वोटरों की पहचान की है। गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में ‘समाजवादी ईसीआई ऑडिट-1’ पुस्तिका जारी करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की और पार्टी कार्यकर्ताओं से 17 तथा 24 अक्टूबर को बूथों पर मौजूद रहकर मतदाता सूची की निगरानी करने की अपील की।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में कमजोर पड़ने पर चुनाव आयोग की आड़ लेती है और आयोग तथा प्रशासन के सहयोग से मतदाता सूची में हेरफेर की तैयारी की जा रही है। उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है, लेकिन किसी का नाम गलत तरीके से जोड़ना या पात्र मतदाता का नाम काटना चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
16.18 लाख फॉर्म-6 को लेकर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भरे गए 87 लाख 56 हजार फॉर्म-6 में से 71 लाख 38 हजार की जानकारी सार्वजनिक की गई, जबकि 16 लाख 18 हजार फॉर्म-6 का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नाम, उम्र और रिश्तेदारों का विवरण समान होने के बावजूद कई प्रविष्टियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, इन मामलों की जांच के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने तीन लाख अन्य संदिग्ध वोटरों की भी पहचान की है।
भाजपा की दस चुनावी चालों का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए दस तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनमें मतदाता सूची में कथित फर्जी नाम जुड़वाना, विरोधी दलों के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाना, मतदान से पहले धन और खाद्य सामग्री बांटना, मतदान के दिन मतदाताओं को डराना-धमकाना, ईवीएम में गड़बड़ी करना, मतगणना को प्रभावित करना, पराजित प्रत्याशियों को विजेता घोषित कराना और विपक्षी दलों में फूट डालना शामिल हैं। उन्होंने इन आरोपों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
भाजपा की दस चुनावी चालों का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए दस तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनमें मतदाता सूची में कथित फर्जी नाम जुड़वाना, विरोधी दलों के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाना, मतदान से पहले धन और खाद्य सामग्री बांटना, मतदान के दिन मतदाताओं को डराना-धमकाना, ईवीएम में गड़बड़ी करना, मतगणना को प्रभावित करना, पराजित प्रत्याशियों को विजेता घोषित कराना और विपक्षी दलों में फूट डालना शामिल हैं। उन्होंने इन आरोपों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की हार की आशंका होती है, वहां कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धांधली की जाती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के सामने अब मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले आ रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता इन्हें उजागर करने में जुटे हैं।
इन विधानसभा क्षेत्रों का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने दावे के समर्थन में कई विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए। उनके मुताबिक, लोनी में 15,150, साहिबाबाद में 13,903, महरौनी में 12,669, दादरी में 12,556, जखनियां में 12,144, छपरौली में 11,574, मोदीनगर में 10,913, फरेंदा में 10,282 और नकुड़ में 10,272 संदिग्ध वोटरों की पहचान की गई है। उन्होंने ललितपुर का आंकड़ा 1,216 बताया। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
उन्होंने आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति के नाम पर दस वोट दर्ज होने का मामला सामने आया है। उनका आरोप था कि ऐसी प्रविष्टियां चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से मतदाता सूची की जांच और संदिग्ध प्रविष्टियों पर कार्रवाई की मांग की।
17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर रहने की अपील
सपा अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं, सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 17 और 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथों पर सक्रिय रहें। नए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के साथ संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच करें और यह सुनिश्चित करने में सहयोग दें कि किसी पात्र मतदाता का नाम न छूटे तथा किसी अपात्र या दोहरी प्रविष्टि को नियमों के विरुद्ध शामिल न किया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है, ताकि एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने जैसी संभावित गड़बड़ियों की पहचान हो सके। उन्होंने आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने का सुझाव भी दिया और कहा कि इससे दोहरी प्रविष्टियों सहित कई समस्याओं की पहचान में मदद मिल सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग
अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए और निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रहना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची की जांच का अभियान जारी रखेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बूथ स्तर पर मतदाता सूची पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराएं।
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