INDEPENDENCE DAY 2023 :: पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज... पढ़िए मोदी ने देश के सम्बोधन में क्या-क्या कहा...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लाल किले की प्राचीर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया। दिल्ली के लाल किले में हो रहे 77वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर मौजूद लोगों पर भारतीय वायुसेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-।।। धु्रव द्वारा पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान पीएम मोदी ने देश को सम्बोधित किया।
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Lucknow, 15 Aug, 2023 09:01 PMदिल्ली, 15 अगस्त 2023 (आईपीएन)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लाल किले की प्राचीर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया। दिल्ली के लाल किले में हो रहे 77वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर मौजूद लोगों पर भारतीय वायुसेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-।।। धु्रव द्वारा पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान पीएम मोदी ने देश को सम्बोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा...
इतना बड़ा देश, 140 करोड़ मेरे भाई-बहन, मेरे परिवारजन... आज आजादी का पर्व मना रहे हैं।
मैं देश के कोटि-कोटि जनों को, देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले, भारत का सम्मान करने वाले कोटि-कोटि जनों को इस महान पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।
देश की आजादी की जंग में जिस-जिस ने बलिदान दिया है, त्याग किया है, तपस्या की है, मैं उन्हें आदरपूर्वक नमन, उनका अभिनंदन करता हूं।
इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए।
जिन परिवारों ने इस संकट को सहन किया है मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।
राज्य-केंद्र सरकार मिलकर उन सभी संकटों से मुक्त होकर तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ेंगी, ये विश्वास दिलाता हूं।
आज स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती भी पूर्ण हो रही है।
यह वर्ष स्वामी दयानंद की 150वीं जयंती, रानी दुर्गवाती की 500वीं जयंती और मीराबाई के जन्म के 525 वर्षों का भी वर्ष है।
मणिपुर समेत भारत के अन्य राज्यों में पिछले कुछ हफ्तों में जो हिंसा का दौर चला, वह दुखद था। पर अब वहां से शांति की खबरें आ रही हैं।
देश मणिपुर के साथ खड़ा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इसका समाधान करेंगे।
आज हमारे पास जनशक्ति, जनतंत्र और विविधता की त्रिवेणी है जो हमारे हर सपने को साकार करने के सामर्थ्य रखती है।
भारत युवाओं का देश है। दुनिया में 30 साल से कम आयु वाले लोगों की सबसे ज्यादा जंसख्या भारत में ही है।
2014 और 2019 में आपने ऐसी सरकार फॉर्म की जिससे मोदी में रिफॉर्म करने की हिम्मत आई।
इन रिफॉर्म्स से लोक प्रशासन में अभूतपूर्व सुधार आए। यह निश्चित ही रिफॉर्म, परफ़ॉर्म और ट्रांसफॉर्म का कालखंड है।
हमने जलशक्ति मंत्रालय बनाया जिसने हर एक नागरिक तक पेयजल की पहुंच को सुनिश्चित किया।
आयुष मंत्रालय से योग को दुनियाभर में ख्याति मिली।
मत्स्यपालन व पशुपालन और सहकारिता मंत्रालयों ने सामाजिक उत्थान में विशेष योगदान दिया।
आज स्थानीय निकायों के विकास के लिए भारत सरकार सालाना 3 लाख करोड़ और गरीबों के घरों के लिए 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है।
भारत सरकार किसानों और कृषि के विकास के लिए ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा की यूरिया सब्सिडी दे रही है।
इस विश्वकर्मा जयंती पर हम 13-15 हजार करोड़ रुपयों से विश्वकर्मा योजना की शुरुआत करेंगे जो परंपरागत औजारों से काम करने वाले भारत के लाखों व्यवसाइयों और कारीगरों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में ढाई लाख रुपये से ज्यादा की राशि जमा की गई है।
हमने शुद्ध पानी की पहुंच के लिए जल जीवन मिशन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आयुष्मान भारत जैसी सफल योजनाएं भी शुरु कीं।
आज देश में 75,000 अमृत सरोवरों का काम तेजी से चल रहा है।
जनशक्ति और जलशक्ति की ये ताकत भारत के पर्यावरण की रक्षा में भी काम आने वाली है।
दुनिया हमारे श्वन सन, वन वर्ल्ड और वन ग्रीनश् के दर्शन से जुड़ रही है।
स्वास्थ्य के समावेशी विकास के लिए हमारी अप्रोच श्वन अर्थ, वन हेल्थश् की है।
जी20 के लिए भी हम श्वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचरश् के मंत्र को लेकर चल रहे हैं।
जलवायु परिवर्तन से जूझ रही दुनिया को हमने लाइफ मिशन के जरिए रास्ता दिखाया है।
हमने बायोडाइवर्सिटी को देखते हुए बिग कैट अलायंस बनाया।
हमने योग और आयुष के द्वारा विश्व कल्याण और वैश्विक स्वास्थ्य पर बल दिया है।
मेरे प्रिय परिवारजनों, यह मेरा अखंड, अटूट और एकनिष्ठ विश्वास है कि 2047 में जब देश आजादी के सौ साल मनाएगा तब मेरा देश विकसित भारत बनकर रहेगा।
यह मैं देश के संसाधन, सामर्थ्य और युवाशक्ति की जनसंख्या को देखते हुए कह रहा हूं।
नारीशक्ति के नेतृत्व में होने वाला विकास ही भारत की प्रगति सुनिश्चित करेगा।
यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत के चंद्रयान मिशन में महिला वैज्ञानिक बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं।
लाल किले पर अपने भाषण के उपरांत प्रधानमंत्री वहां उपस्थित उभरती युवा शक्ति के प्रतीक स्कूली बच्चों से मिले
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखने और यादगार बनाने के लिए लाल किला आए विभिन्न लोगों से भी मुलाकात की
मैं लालकिले से आपकी मदद मांगने आया हूं, मैं आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं।
आजादी के अमृतकाल में 2047 में, जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, उस समय दुनिया में भारत का तिरंगा झंडा विकसित भारत का तिरंगा झंडा होना चाहिए।
देश के नौजवानों...आज अवसरों की कमी नहीं है।
आप जितने अवसर चाहेंगे, ये देश आसमान से ज्यादा अवसर देने का सामर्थ्य रखता है।
2014 में हम वैश्विक अर्थव्यस्था में 10वें नंबर पर थे और आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरूषार्थ रंग लाया है और हम विश्व की 5वीं अर्थव्यस्था बन चुके हैं। ये ऐसे ही नहीं हुआ है, लीकेज को हमने बंद किया, मजबूत अर्थव्यस्था बनाई, हमने गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया।
भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए। पिछले कालखंड की तुलना में हमें सफलता भी मिली है लेकिन हम इतने से संतोष नहीं मान सकते।
मेरे देशवासियों पर महंगाई का बोझ कम से कम हो, इस दिशा में मुझे और भी कदम उठाने हैं और मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
जन औषधि केन्द्रों ने देश के सीनियर सिटिजन को, देश के मध्यमवर्गीय परिवार को एक नई ताकत दी है।
इसकी सफलता को देखते हुए अब देश में 10 हजार जनऔषधि केन्द्र से बढ़ाकर 25 हजार जन औषधि केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
विश्वभर में भारत के सामर्थ्य के प्रति एक नया विश्वास पैदा हुआ है।
आज भारत की विविधता को दुनिया अचंभे से देख रही है, जिस कारण भारत का आकर्षण बढ़ा है।
देश में रेल आधुनिक हो रही है तो वंदे भारत ट्रेन भी आज देश के अंदर काम कर रही है।
गांव-गांव पक्की सड़कें बन रही हैं तो इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो की रचना भी आज देश में हो रही है। आज गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच रहा है।
आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके, लक्ष्यों को तय करके, लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चल रहा है।
जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है, उसका उद्घाटन भी हम अपने कालखंड में ही करते हैं।
ये नया भारत है...आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, ये संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है।
इसलिए ये भारत... न रूकता है, न थकता है, न हांफता है और न ही ये भारत हारता है।
भ्रष्टाचार ने हमारे देश को दीमक की तरह नोंच लिया है...लेकिन ये मोदी के जीवन का कमिटमेंट है...कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा।
दूसरा, परिवारवाद ने हमारे देश को नोंच लिया है। इस परिवारवाद जिस तरह से देश को जकड़ के रखा है, इसने लोगों का हक छीना है।
तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। इस तुष्टिकरण ने देश की मूलभूत चिंतन को, हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया है।
इसलिए हमें इन बुराइयों...भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण के साथ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है।
अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके सामर्थ्य, आपके संकल्प, उसमें हुई प्रगति, उसकी सफलता और गौरवगान... पूरे आत्मविश्वास से आपके सामने प्रस्तुत करूंगा।
मैं आप में से आता हूं, मैं आपके बीच से निकला हूं, मैं आपके लिए जीता हूं।
अगर मुझे सपना भी आता है तो आपके लिए आता है, अगर मैं पसीना भी बहाता हूं तो आपके लिए बहाता हूं।
इसलिए नहीं कि आपने मुझे ये दायित्व दिया, ये मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि आप मेरे परिवारजन हैं और मैं आपके किसी दुख को नहीं देख सकता हूं।
2019 में परफॉर्मेंस के आधार पर आप सबने हमें फिर से आशीर्वाद दिया।
परिवर्तन का वादा मुझे ले आया और आने वाले 5 साल अभूतपूर्व विकास के हैं।
2047 के सपने को साकार करने के सबसे बड़े स्वर्णिम पल आने वाले 5 साल हैं।
जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है, उसका उद्घाटन भी हम अपने कालखंड में ही करते हैं।
इन दिनों मैं जो शिलान्यास कर रहा हूं, उनका उद्घाटन भी मेरे नसीब में है।
ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, ये संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है।
इसलिए ये भारत, न रुकता है, न थकता है, न हांफता है और न ही ये भारत हारता है।
मैं लालकिले से आपकी मदद मांगने आया हूं, मैं आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं।
आजादी के अमृतकाल में 2047 में, जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, उस समय दुनिया में भारत का तिरंगा झंडा विकसित भारत का तिरंगा झंडा होना चाहिए।
अब मेरा सपना गांवों में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है।
इसके लिए हमने एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है, जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ड्रोन चलाने और मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाएगा और देश के कृषि-तकनीक क्षेत्र को मजबूत करेगा।
5 साल के मेरे एक कार्यकाल में 13.5 करोड़ मेरे गरीब भाई-बहन गरीबी की जंजीरों को तोड़कर नियो मिडिल क्लास के रूप में बाहर आए हैं, जीवन का इससे बड़ा कोई संतोष नहीं होता है।
आज झुग्गी-झोपड़ी से निकले बच्चे दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं।
छोटे-छोट गांव, कस्बे के नौजवान, हमारे बेटे-बेटियां आज कमाल दिखा रहे हैं।
जो परिवारजन शहरों में किराये के मकान में रहते हैं, वो अगर मकान बनाना चाहते हैं, तो बैंक से लोन मिलेगा उसके ब्याज के अंदर राहत देने का निर्णय किया है।

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