यूपी में जापानी निवेश को लेकर बिजनेस लीडर्स ने जताया भरोसा, R&D, स्किलिंग और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर जोर
Business leaders express confidence in Japanese investment in Uttar Pradesh, stressing increased R&D, skilling, and manufacturing.
IPN Live
Lucknow, 20 Aug, 2026 01:19 AMराउंडटेबल मीटिंग में साझा किए निवेश अनुभव, नए प्रोजेक्ट और भविष्य की योजनाएं; इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ईवी, एडवांस मटेरियल, फार्मा और एविएशन सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईपीएन)। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित राउंडटेबल मीटिंग में विभिन्न जापानी और भारतीय कंपनियों के बिजनेस लीडर्स एवं सीईओ ने उत्तर प्रदेश में अपने निवेश अनुभव, मौजूदा परियोजनाओं, विस्तार योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया। निवेशकों ने प्रदेश में बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, स्किल्ड मैनपावर और सरकार के सहयोग को निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटो कंपोनेंट, ईवी, फार्मास्युटिकल, एडवांस मटेरियल, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कई निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में मौजूदा निवेश बढ़ाने के साथ नई विनिर्माण इकाइयां और आरएंडडी सेंटर स्थापित करने की योजनाओं की जानकारी दी।
जापान-यूपी साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर
बिजनेस लीडर्स ने कहा कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से विश्वास पर आधारित संबंध हैं। उत्तर प्रदेश के साथ बढ़ता औद्योगिक सहयोग इस रिश्ते को आर्थिक और तकनीकी साझेदारी के नए स्तर तक ले जा सकता है।
निवेशकों ने कहा कि जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश को केवल भारतीय घरेलू बाजार के नजरिये से नहीं देख रही हैं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन, एक्सपोर्ट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र मान रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिक और ईवी कंपोनेंट में विस्तार की तैयारी
ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र से जुड़े एक कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी करीब 40 वर्षों से उत्तर प्रदेश में कारोबार कर रही है। समूह के भारत और विदेशों में 45 से अधिक प्लांट हैं और करीब 9,000 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर निवेश की योजना बनाई है। यहां जापानी कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और ईवी कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। कंपनी भारत के साथ-साथ निर्यात बाजारों के लिए एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद तैयार करने तथा प्रदेश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट गतिविधियों को बढ़ाने की इच्छुक है।
कंपनी प्रतिनिधि ने राज्य सरकार के सामने आरएंडडी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव एवं सपोर्ट तथा इंडस्ट्री-रेडी स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया।
फार्मा सेक्टर में भी विस्तार की संभावनाएं
फार्मास्युटिकल क्षेत्र से जुड़े जापानी प्रतिनिधि ने भारत में अपनी कंपनी की करीब 20 वर्ष पुरानी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में उत्पादन और रिसर्च से जुड़ी क्षमताएं विकसित की हैं और देश में काम करने का अनुभव सकारात्मक रहा है।
उन्होंने भविष्य में भारत में अपनी गतिविधियों को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई तथा उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में अवसर
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) क्षेत्र से जुड़े बिजनेस लीडर ने उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण औद्योगिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि SAF में मैन्युफैक्चरिंग, मल्टीप्लायर इफेक्ट और एक्सपोर्ट पोटेंशियल मौजूद हैं।
उन्होंने जापान को संभावित निर्यात बाजार बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर SAF की मांग बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ऐसी नीतियां बनाने का सुझाव दिया, जिससे प्रदेश के अंतर्देशीय क्षेत्रों में बनने वाले उत्पादों को तटीय राज्यों के बंदरगाहों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सके।
मिंडा समूह की उत्तर प्रदेश में मजबूत मौजूदगी
मदरसन ग्रुप के प्रेसिडेंट संजय मेहता ने बताया कि कंपनी की स्थापना उत्तर प्रदेश में वर्ष 1975 में हुई थी और तब से राज्य के साथ उसका मजबूत औद्योगिक संबंध बना हुआ है। उन्होंने बताया कि समूह के भारत में करीब 175 प्लांट हैं, जिनमें 55 प्लांट उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में करीब एक लाख लोगों को रोजगार देती है और उसका ग्लोबल हेडक्वार्टर नोएडा में स्थित है। नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश सरकार से मिले सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रदेश में विस्तार की योजनाओं पर लगातार काम कर रही है।
एडवांस मटेरियल में करीब 1,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की संभावना
लोहम के फाउंडर रजत वर्मा ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2018 में ग्रेटर नोएडा से अपनी यात्रा शुरू की थी। उत्तर प्रदेश में कंपनी के चार प्लांट, तीन पायलट प्लांट और एक आरएंडडी सेंटर हैं, जिनसे करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी दो नए प्लांट स्थापित कर रही है। इनमें से एक रेयर-अर्थ बेस्ड मैग्नेट निर्माण से जुड़ा होगा। इसके अलावा भारत में निकल-मैंगनीज-कोबाल्ट कैथोड प्लांट स्थापित किया जा रहा है। दोनों परियोजनाओं में कुल करीब 1,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश और लगभग 1,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
उन्होंने जापानी विशेषज्ञों की इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विशेषज्ञता को भारत में स्किलिंग और इंडस्ट्री ट्रेनिंग के साथ जोड़ने तथा उत्तर प्रदेश में एडवांस मटेरियल के क्षेत्र में आरएंडडी और इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम विकसित करने की इच्छा जताई।
सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर
एलएंडटी सेमीकंडक्टर के ग्लोबल सीईओ संदीप कुमार ने कहा कि उनकी कंपनी जापानी कंपनियों के साथ पहले से करीबी तौर पर काम कर रही है और इस संबंध को उत्तर प्रदेश में और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का नोएडा में कार्यालय है और जापान के साथ उसके तकनीकी एवं कारोबारी संबंध लंबे समय से हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया।
कंपनी ने अगले पांच वर्षों में करीब 500 नए स्टार्टअप्स को विकसित करने के लिए एक बड़े इकोसिस्टम की दिशा में काम करने की योजना भी साझा की। उन्होंने इस पहल को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक ले जाने की जरूरत बताई, ताकि नॉलेज इकोनॉमी के माध्यम से हाई-स्किल्ड और हाई-पेइंग जॉब्स के अवसर बढ़ाए जा सकें।
डेन्सो का नोएडा में 500 करोड़ का नया निवेश
ऑटो कंपोनेंट कंपनी डेन्सो के प्रतिनिधि ने बताया कि नोएडा स्थित कंपनी का प्लांट लंबे समय से उत्पादन कर रहा है और उत्तर प्रदेश में कंपनी को लगातार सरकार का सहयोग मिला है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने हाल में नोएडा में करीब 500 करोड़ रुपये के नए निवेश को मंजूरी दी है और निर्माण गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इस निवेश से करीब 500 से 1,000 नए रोजगार पैदा होने की संभावना है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में बेहतर गवर्नेंस और सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में जापानी कंपनियों का भरोसा मजबूत हुआ है। कंपनी युवाओं की स्किलिंग पर भी काम कर रही है और अब तक करीब 400 युवाओं को कॉलेज स्तर से जोड़कर प्रशिक्षित किया गया है।
यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की संभावना
राउंडटेबल में शामिल बिजनेस लीडर्स ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सरकार की सक्रिय भूमिका, बेहतर प्रशासन, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों को मिलने वाला सहयोग महत्वपूर्ण है।
निवेशकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल बड़े घरेलू बाजार के रूप में नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी उभर रहा है। जापानी कंपनियों के लिए ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ईवी, एडवांस मटेरियल, फार्मा, ग्रीन एनर्जी और एविएशन जैसे क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं।
#UPJapanInvestmentMeet2026 #JapanInvestment #UttarPradesh #Japan #Manufacturing #RND #SkillDevelopment #Semiconductor #EV #Electronics #AutoComponents #Pharma #Aviation #AdvancedMaterials #Investment #ipnlive #ipnnews #ipn

No Previous Comments found.