सआदतगंज तिहरा हत्याकांड: शव सड़क पर रखकर फूटा गुस्सा, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
Saadatganj triple murder case: Anger erupts by placing bodies on the road, demands for encounter and bulldozer action
IPN Live
Lucknow, 27 Oct, 2026 09:02 PMमुख्यमंत्री योगी और डीजीपी को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पहुंचकर दिया कार्रवाई का आश्वासन
लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर सआदतगंज और चौकी प्रभारी निलंबित, हत्या से पहले शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने पर उठे सवाल
लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। सआदतगंज के ब्रह्मणी टोला में पिता-पुत्र और भाई की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से नाराज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं और मृतकों के करीबियों का मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद गुस्सा फूट पड़ा। तीनों शव घर पहुंचते ही समर्थकों ने उन्हें सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपित ऋषभ शुक्ला का एनकाउंटर करने और उसके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण को मौके पर बुलाने की मांग की। हालात संभालने पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मृतकों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया जा सका।
शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी के शव घर पहुंचे तो परिजनों, समर्थकों और करीबियों का आक्रोश फूट पड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय हो जाती तो शायद तीनों की जान बच सकती थी।
नाराज लोग आरोपित ऋषभ शुक्ला का एनकाउंटर करने और उसके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण मौके पर नहीं आएंगे, तब तक वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।
बृजेश पाठक ने पहुंचकर संभाली स्थिति
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक काफिले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तीनों मृतकों के शवों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने काफी देर तक लोगों को समझाया-बुझाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया जा सका।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
लापरवाही पर गिरी गाज, इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी निलंबित
तिहरे हत्याकांड के मामले में स्थानीय पुलिस की कथित लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आरोप है कि घटना से पहले चबूतरा निर्माण और पार्किंग को लेकर विवाद की शिकायत स्थानीय पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे ब्रह्मणी टोला में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं और तीन लोगों की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस की भूमिका और शिकायत पर कार्रवाई में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
चबूतरे और पार्किंग का विवाद बना खूनी संघर्ष
सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने और वाहनों की पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में सोमवार सुबह पड़ोस में रहने वाले ऋषभ शुक्ला ने कथित तौर पर अवैध असलहे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला सहकार्यवाह 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 55 वर्षीय भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी की हत्या कर दी।
वारदात के बाद भाग रहे आरोपित को सिपाही कार्तिक ने दौड़ाकर पकड़ लिया था। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला और उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अपर्णा कुमार सहित कई अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छानबीन की।
तीन मौतों से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शिवाजी तिवारी शक्ति भवन में स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी लखनऊ विश्वविद्यालय में बाबू थे। शिवाजी तिवारी के बेटे सुयश तिवारी इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान चलाते थे। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय पुलिस की सक्रियता पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में स्थानीय पुलिस की सतर्कता और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि विवाद की शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। अब इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद यह सवाल भी अहम हो गया है कि यदि शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होती तो क्या इस तिहरे हत्याकांड को रोका जा सकता था।
लखनऊ के मलिहाबाद में हुए तिहरे हत्याकांड और काकोरी के हाजी कॉलोनी में जमीन कारोबारी हाजी कमाल अहमद की हत्या सहित अन्य गंभीर मामलों में भी स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ चुके हैं। सआदतगंज की घटना ने एक बार फिर पुलिस की जवाबदेही और समय पर कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित किया है।
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