कांग्रेस बोली : हाथी के दिखाने वाले दांत जैसा है योगी सरकार का बजट 2025-26
Congress said: Yogi government's budget 2025-26 is like an elephant's showing teeth
IPN Live
Lucknow, 5 Mar, 2025 09:04 AMलखनऊ, (आईपीएन)। नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बजट को सिर्फ हाथी के दिखाने के दांत बताया, प्रदेश के किसानों, युवाओं को सरकार द्वारा धोखा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बजट बड़ा करना दिखावे से ज्यादा कुछ नही कहा।
कांग्रेस नेता ने विधानसभा में बजट पर बोलते हुए कहा कि सरकार बजट का आकार बढ़ाने में लगी है जबकि हकीकत ये है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी बड़ा बजट बनाया गया लेकिन अभी आखिरी महीने तक मात्र 55 प्रतिशत ही खर्च हो पाया। यह बजट हाथी के दिखाने वाले दांतों की तरह है जिससे प्रदेश के लोगों का कोई फायदा नही होने वाला, जब बजट खर्च नहीं हो पा रहा है तो बढ़ाने का दिखावा क्यों ?
आराधना ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष के बजट की हालत यह है कि चिकित्सा विभाग मात्र 54% बजट ही खर्च कर पाया, सच्चाई है कि अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, दवाइयां नहीं, बेड नहीं, जांच के लिए उपकरण नहीं, यही हालत ऊर्जा विभाग की है मात्र मात्र 60 % बजट खर्च कर पाया, कृषि विभाग भी सिर्फ 50% थी खर्च कर पाया, और शिक्षा विभाग मात्र 60% खर्च कर पाया, PWD विभाग की हालत भी दयनीय है वह भी 50% खर्च कर पाया।
आराधना ने कहा कि आज स्कूलों में मास्टर नहीं है, डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी इस बार भी भारी भरकम बजट 8.08 लाख करोड़ का पेश किया गया है। लेकिन आर.बी.आई के जो आंकड़े हैं वह कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं आज भाजपा सरकार की कुरीतियों की वजह से गलत नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ा दूसरा कर्जदार प्रदेश बन गया है, प्रदेश के ऊपर 7.70 लाख का कर्ज है। इस बजट में भी 91 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने की बात कही गई है यानी कि प्रत्येक व्यक्ति पर 34000 से अधिक का कर्ज है जो 2017 में 18000 था वह बढ़कर 34000 हो गया।
आराधना ने भारी भरकम बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि वस्तु एवं सेवा कर में 57% की वृद्धि, राज्य उत्पाद शुल्क में 30% की वृद्धि, विद्युत कर शुल्क में 16% से अधिक की वृद्धि का लक्ष्य है, इस वृद्धि की पूर्ति कैसे होगी, सीधे यह आम आदमी के ऊपर वसूली का डंडा सरकार चलाने जा रही है, स्टेट जी.एस.टी बढ़ने से अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई का बोझ आम आदमी पर पड़ेगा लेकिन उसी आम आदमी के लिए बजट में कुछ नहीं है, स्वास्थ्य में आयुष्मान योजना में प्रदेश में नंबर वन की बात की जा रही सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार के चलते स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान योजना दम घोंट रही है, देश का सबसे बड़ा प्रदेश का बजट बनाने वाली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को मात्र 6% ही दिया है, कल ही की खबर है कि बलरामपुर में स्टोर की कीमत में दवाई नहीं है गोल्ड चैन बनाए रखने के लिए फ्रिज तक नहीं है, कृषि की हालत को सरकार ने खस्ता कर दिया, किसानों को सबसे बड़ा धोखा भाजपा सरकार ने दिया है कृषि को बजट में मात्र 3.2% ही दिया गया जबकि देश के अन्य राज्यों में यह औसत 6.3 प्रतिशत से ज्यादा है, M.s.p बढ़ नहीं रही, लागत बढ़ती जा रही, जो DAP 800 रुपए में मिलती थी वह 1350 की हो गई, ट्रैक्टर और कार पर बराबर टैक्स लगाया जा रहा है, यह कहां का न्याय है ? हर घर नल योजना में योगी आदित्यनाथ सरकार अपनी पीठ स्वयं थपथपा रही है, लेकिन आए दिन बोरिंग फेल हो रहे हैं, टंकी गिर जा रही है, सीतापुर में टंकी भरभरा कर गिर गई , सिर्फ और सिर्फ घोटाला जल जीवन मिशन में हो रहा है, सड़क निर्माण की हालत बहुत दयनीय है चार नए एक्सप्रेस वे बनाने की बात कही थी लेकिन उनकी निर्माण प्रक्रिया में क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए प्रावधान कुछ नहीं, 30% दुर्घटनाएं रोड सेफ्टी के मानकों से सड़क का निर्माण न होना है, ऊर्जा में मूल बजट और अनुपूरक बजट मिलाकर 67135 करोड रुपए का बजट आवंटित हुआ जिसमें सिर्फ 60% खर्च हो पाया, जब खर्च नहीं करना है तो बजट बड़ा करके, अनुपूरक बजट में आवंटन करके क्या फायदा मिला ? शिक्षा में मात्र 13 प्रतिशत बजट दिया, जबकि अन्य राज्यों में 15% से ज्यादा है, 69000 शिक्षक भर्ती के बाद कोई भर्ती नहीं आई, डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, ग्रामीण स्कूलों में संसाधन नहीं हैं, इस बात को तो स्वयं नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मान चुके हैं, अपराध मुक्त, भय मुक्त प्रदेश बनाने का दावा करने वाली सरकार ने हालत यह बना दी है कि उनके अपने ही कैबिनेट मंत्री जान का खतरा होने की बात कहते हैं, वह भी S.T.F और पुलिस से भय जताते हैं, जिस पुलिस पर प्रदेश के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, और एक कैबिनेट मंत्री के ऊपर उन्हीं के कार्यकर्ता ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है, दूसरे कार्यकाल के 3 साल पूरे हो रहे हैं, यह सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में चार मूल बजट और 4 दिन अनुपूरक बजट ला चुकी हैं, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को और दिव्यांगों की पेंशन 1500 करने का वादा अभी भी अधूरा है , रोजगार देने वाली सरकार ने कहा था कि हम प्रदेश में रोजगार देंगे प्रदेश में 3 करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवार है क्या हर एक परिवार को रोजगार मिल गया ? मनरेगा को बदनाम करते थे, सच्चाई यह है कि आज मनरेगा के अलावा उनके पास कोई भी रोजगार देने का दूसरा साधन नहीं है ।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सरकार निवेश का ढिंढोरा पीट रही है, सच्चाई यह है कि निवेश के MOU भ्रष्टाचार में डूब गए।
मोना ने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार बजट के नाम पर सिर्फ हाथी के दांत दिखा रही है, प्रदेश आज सबसे बड़ा कर्जदार बन गया है, हम मांग करते हैं कि सरकार बजट अगर बड़ा बनाने की बात करती है उसका ढिंढोरा पीटती है, तो सदन में श्वेत पत्र लाएं, जिससे प्रदेश जनता देखे कि भाजपा सरकार का चरित्र सिर्फ गुमराह करने और धोखा देने वाला है, की बजट राज में वृद्धि करने के बजाय सरकार अपनी नीति, नियत और इच्छा शक्ति को मजबूत करती, जो खो चुकी है। उसे सुधार करें, उसे मजबूत करें तो बेहतर होगा।

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