अपराध पर जीरो टॉलरेंस पुलिस की कार्यशैली बने: डीजीपी राजीव कृष्ण
Zero tolerance towards crime should become the working style of the police: DGP Rajeev Krishna
IPN Live
Lucknow, 16 Oct, 2026 01:38 AMत्योहारों पर डूबने और करंट से मौतों को रोकने का लक्ष्य, लंबित विवेचनाओं और ब्लाइंड केसों की होगी नियमित समीक्षा
लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जीरो टॉलरेंस केवल नीति नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और दृष्टिकोण का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध होने पर कार्रवाई के साथ उसके मूल कारणों और रोकथाम में रही कमियों का भी विश्लेषण किया जाए। आगामी त्योहारों के दौरान डूबने और करंट से होने वाली जनहानि को शून्य तक लाने, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने और आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशकों, पुलिस आयुक्तों, परिक्षेत्रीय आईजी/डीआईजी, एसएसपी/एसपी, अपर पुलिस अधीक्षकों और क्षेत्राधिकारियों के साथ ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की सुरक्षा, यक्ष ऐप, लंबित विवेचनाओं, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और यातायात व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बीट पुलिसिंग मजबूत करने और पेट्रोलिंग बढ़ाने पर जोर
डीजीपी ने बीट सूचनाओं के प्रभावी संकलन और उपयोग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और स्थानीय स्तर पर उनके निर्माण की पहचान के लिए बीट पुलिसकर्मियों को नियमित ब्रीफिंग देने को कहा।
चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग तथा बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया। यक्ष ऐप की एसओएस सुविधा के माध्यम से अपराधियों, संदिग्ध वाहनों और घटनाओं से संबंधित सूचनाओं का त्वरित प्रसार कर समन्वित चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेट्रोलिंग में लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जनसुनवाई में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीजीपी ने थाना और चौकी स्तर पर शिकायतों की संवेदनशीलता से सुनवाई, पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा कर शिकायतों के मूल कारणों की पहचान करने और निस्तारण में लापरवाही मिलने पर उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मामलों में स्थानीय अभिसूचना तंत्र मजबूत करने तथा संभावित विवादों और सामाजिक एवं जातीय तनाव से जुड़ी सूचनाओं का समय पर संकलन और विश्लेषण करने पर भी जोर दिया।
त्योहारों पर जनहानि रोकने के लिए विशेष सतर्कता
आगामी त्योहारों में मूर्ति विसर्जन और स्नान के दौरान डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, सुरक्षित स्थल और निगरानी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। झांकियों और जुलूसों के दौरान बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया।
पुराने विवादों और संवेदनशील मार्गों का पहले से आकलन कर पर्याप्त पुलिस प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीजीपी ने डूबने और करंट से होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ काम करने पर जोर दिया।
60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण
डीजीपी ने 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। पुराने मामलों को प्राथमिकता देने और डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा तकनीकी संसाधनों के जरिए विवेचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
लूट, हत्या और चेन स्नेचिंग सहित गंभीर अपराधों के अनसुलझे मामलों की नियमित समीक्षा कर विशेष कार्ययोजना के तहत साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण और प्रभावी विवेचना के जरिए अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता
गुमशुदा बच्चों की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी के लिए समन्वित कार्रवाई करने को कहा गया। जिन क्षेत्रों में ऐसे मामले अधिक हैं, वहां बच्चों के लापता होने के कारणों और घटनाओं के पैटर्न का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थानों की टीमों को बच्चों के परिजनों से संपर्क कर जानकारी जुटाने और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया।
आरटीसी और जेडएफडी अभियानों की समीक्षा में सड़क दुर्घटनाओं तथा यातायात जाम में कमी के बावजूद शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। संबंधित नोडल अधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
आईजीओटी पर एक करोड़ कोर्स पूरे होने पर पुलिसकर्मियों को बधाई
डीजीपी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आईजीओटी पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक कोर्स पूरे कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने और सप्ताहांत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ऐसे विषयों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, जिनका लाभ थाना स्तर, बीट पुलिसिंग और रोजमर्रा के पुलिस कार्यों में सीधे मिल सके।
रिपोर्ट : ए अहमद सौदागर
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