स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, 82 हजार से ज्यादा स्कूली वाहनों की हो रही निगरानी
Yogi government takes a major step towards the safety of school children; more than 82,000 school vehicles are being monitored.
IPN Live
Lucknow, 20 Aug, 2026 01:39 AMमिशन सेफ फ्यूचर समेत विभिन्न अभियानों में 6,066 वाहन मिले अनफिट, 1,072 का चालान और 356 वाहन सीज
लखनऊ, 19 अगस्त (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश में मिशन सेफ फ्यूचर समेत कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन भी करा रहा है। मुख्यमंत्री ने हाल में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।
परिवहन विभाग के 13 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 19,680 स्कूल हैं। इनमें 74,337 वाहन स्कूल के नाम से पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन स्कूलों से अनुबंधित हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 82,259 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि मिशन सेफ फ्यूचर समेत अन्य अभियानों के तहत परिवहन विभाग का मुख्य जोर स्कूली वाहनों को फिट रखने और चालकों का सत्यापन कराने पर है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों एवं चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
जांच में 6,066 वाहन अनफिट मिले
विभिन्न अभियानों के दौरान प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 6,066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए। इन वाहनों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई।
वहीं, प्रवर्तन टीमों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 स्कूली वाहनों का चालान किया। इसके अलावा गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर 356 वाहनों को सीज किया गया।
27,066 चालकों का चरित्र सत्यापन
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहन चालकों के सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 27,066 स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराया जा चुका है।
परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों के चालकों की सुरक्षा जांच को लेकर सभी संबंधित स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों के चालक निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे उतरें।
सभी बोर्ड के स्कूलों को निर्देश
परिवहन विभाग ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड समेत अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को बस और वैन चालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन और मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए हैं।
विभाग की ओर से इस संबंध में पत्र भी जारी किया गया है। इसमें संबंधित बोर्डों के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में स्कूली वाहन संचालन से जुड़े सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
सरकार और परिवहन विभाग की इन कार्रवाइयों का उद्देश्य स्कूली परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, जिम्मेदार और नियमों के अनुरूप बनाना है, ताकि बच्चों की यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम को कम किया जा सके।
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