योगी सरकार का भूमाफियाओं पर प्रहार, 2.08 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त

Yogi government cracks down on land mafia, frees 2.08 lakh acres of land from encroachment

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Lucknow, 12 Aug, 2026 07:08 PM
योगी सरकार का भूमाफियाओं पर प्रहार, 2.08 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त
लखनऊ, 12 अगस्त 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भू-माफिया अभियान लगातार जारी है। राजस्व विभाग के मुताबिक बीते साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह क्षेत्रफल करीब 2.08 लाख एकड़ के बराबर है।

सरकार के मुताबिक भूमि को कब्जामुक्त कराने के साथ अवैध कब्जों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण, मुकदमों की पैरवी और चिह्नित भूमाफियाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की गई है।

चार स्तरों पर टास्क फोर्स के जरिए कार्रवाई

सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए राज्य, मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य अवैध कब्जों की पहचान से लेकर कार्रवाई और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।

अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने और कार्रवाई की निगरानी के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल भी विकसित किया गया है।

4.34 लाख शिकायतें, 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण

एंटी भू-माफिया पोर्टल पर अब तक अवैध कब्जे से संबंधित 4,34,016 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 4,31,697 शिकायतों, यानी 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में 2,319 शिकायतें लंबित हैं।

सरकार के अनुसार ऑनलाइन शिकायत एवं निगरानी व्यवस्था से मामलों की कार्रवाई की स्थिति को लगातार ट्रैक करने में मदद मिली है।

2 लाख एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमणमुक्त

एंटी भू-माफिया अभियान के तहत 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। सरकार के अनुसार इससे प्रदेश के विकास के लिए लगभग 2.08 लाख एकड़ भूमि उपलब्ध हुई है। इसमें बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि शामिल है, जिसका उपयोग विभिन्न विकास योजनाओं में किया जा सकता है।

भूमाफियाओं पर कानूनी शिकंजा

अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की गई। अभियान के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज कराई गईं। वहीं 1,413 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिह्नित किया गया, जिनमें से 144 वर्तमान में जेल में बंद हैं।

अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई

राजस्व विभाग के अनुसार अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। भारतीय दंड संहिता के तहत 1,621 मामले, दंड प्रक्रिया संहिता के तहत 109 लोगों के खिलाफ कार्रवाई, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत तीन, गैंगस्टर एक्ट के तहत 70 और गुंडा एक्ट के तहत 206 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत 1,745 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

लैंडबैंक से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी भूमि को लैंडबैंक के रूप में विकसित कर औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार में उपयोग किए जाने की संभावना है। इन जमीनों को उद्योगों, फार्मास्युटिकल एवं मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, लॉजिस्टिक पार्क, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि कब्जामुक्त भूमि की उपलब्धता से निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने में तेजी आएगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी।

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