योगी सरकार ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा, पनीर की गुणवत्ता को लेकर 25 इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई
Yogi government cracks down on adulterators, cracks down on 25 cheese manufacturing units
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Lucknow, 15 Aug, 2026 01:53 AMलखनऊ, 14 अगस्त (आईपीएन)। आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर गठित 24 विशेष प्रवर्तन टीमों ने संबंधित जिलों की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जबकि तीन इकाइयां नॉन-ऑपरेशनल मिलीं।
पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायन और तेल के इस्तेमाल पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कुछ इकाइयों में पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोग के रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के मामले सामने आए। इसके अलावा अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण किए जाने की भी शिकायतें मिलीं।
विशेष टीमों ने निर्माण इकाइयों में इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल, तैयार उत्पाद और निर्माण प्रक्रिया की जांच की। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया और अपमिश्रकों को जब्त किया गया।
72 नमूने जांच के लिए भेजे गए
अभियान के दौरान कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित पाई गई 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।
इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4.75 लाख रुपये बताई गई है। इस प्रकार अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गंभीर मामलों में छह एफआईआर दर्ज
पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के प्रयोग और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित पांच मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके अलावा सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज की गई।
गाजियाबाद में तीन और मथुरा में दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज हुई है। सहारनपुर में भी संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। खासतौर पर पनीर जैसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण करने वालों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
विभाग के अनुसार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। प्रयोगशाला जांच में नमूने निर्धारित मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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