उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, फ्रंट रनर स्टेट : सीएम योगी

Uttar Pradesh is no longer a sick state, it is a front runner state: CM Yogi

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Lucknow, 20 Feb, 2026 07:07 PM
उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, फ्रंट रनर स्टेट : सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नीति आयोग और कैग की रिपोर्ट का दिया हवाला 

कहा- वित्तीय अनुशासन में हर तरफ हो रही है उत्तर प्रदेश की सराहना

पूंजीगत निवेश और पारदर्शिता से बदली प्रदेश की तस्वीरः मुख्यमंत्री 

कारीगरों को दी टूलकिट, युवाओं को मुहैया कराया गारंटीमुक्त और ब्याजमुक्त ऋणः सीएम योगी 

उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट, तीन करोड़ से अधिक रोजगारः योगी आदित्यनाथ  

लखनऊ, (आईपीएन)। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम एमएसएमई सेक्टर है और सरकार ने इसे सशक्त बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस राज्य के पास एमएसएमई का मजबूत नेटवर्क, सस्ता और कुशल मानव संसाधन होता है, वही राज्य बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित करने में सफल होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले संभावनाएं तो थीं लेकिन निवेश का माहौल नहीं था। एमएसएमई इकाइयां उपेक्षित थीं और परंपरागत उद्योग हताशा की स्थिति में थे। नौ वर्षों में हमने उन्हें उबारने में महत्वपूर्ण कार्य किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की ‘फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2025’ रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ‘फ्रंट रनर’ श्रेणी में रखा गया है। व्यय की गुणवत्ता, पूंजीगत निवेश, ऋण स्थिरता और राजकोषीय अनुशासन के मानकों पर राज्य को संतुलित और सुदृढ़ बताया गया है। उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भी उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ राजस्व स्थिति और संतुलित वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है। ये आज के उत्तर प्रदेश की स्थिति है।

परंपरागत उद्योगों को मिला नया जीवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरादाबाद का ब्रास उद्योग, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा और भदोही की कालीन, ये सभी सदियों पुरानी परंपराएं हैं। सरकार ने इनका सर्वे और मैपिंग कर यह आकलन किया कि इन्हें डिजाइन, तकनीक, वित्त, पैकेजिंग, मार्केटिंग और प्रशिक्षण में कहां सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से इन पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान और बाजार मिला।

96 लाख एमएसएमई यूनिट, तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में सर्वाधिक लगभग 96 लाख एमएसएमई यूनिट उत्तर प्रदेश में हैं। इन इकाइयों में तीन करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं और उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक एमएसएमई इकाई के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और पंजीकृत इकाइयों को पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान और ग्राम स्वावलंबन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी ग्राम स्वराज की अवधारणा के अंतर्गत गांव आत्मनिर्भर होते थे। समय के साथ यह व्यवस्था कमजोर हुई। इसे पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष 2019 में ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ लागू की गई। इसके तहत कारीगरों को टूलकिट वितरण, प्रशिक्षण और सस्ती दरों पर ऋण की सुविधा दी जा रही है।

1.10 लाख युवाओं को गारंटीमुक्त और ब्याजमुक्त ऋण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ लागू की गई है। इसके अंतर्गत तीन चरणों में 5 लाख, 7.5 लाख और 10 लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त एवं ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि अब तक 1,10,000 से अधिक युवाओं को इस योजना के तहत बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने में सहायता दी गई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे युवाओं के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि वे सफल उद्यम स्थापित कर सकें।

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