यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब, एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा राज्य: जितिन प्रसाद
UP will become the country's number-1 technology hub, the state is growing rapidly in the AI and semiconductor sectors: Jitin Prasada
IPN Live
Lucknow, 26 Sep, 2026 05:44 PMग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर (आईपीएन)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है और वह दिन दूर नहीं जब देश-दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान यूपी का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित 'यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस' सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय ने विकास को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके लिए राज्य में आवश्यक इकोसिस्टम तेजी से विकसित किया जा रहा है।
पूरे यूपी में बढ़ेगा टेक्नोलॉजी निवेश
जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार की कोशिश निवेश को केवल नोएडा तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी उद्योगों का विस्तार करने की है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने कहा कि सैमसंग, योटा, डाटा सेंटर, एआई लैब्स और अन्य टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं राज्य में विकसित हो रहे नए औद्योगिक इकोसिस्टम का प्रमाण हैं। सरकार डिजाइन, सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर कार्य कर रही है।
असेंबली से कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ेगा भारत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल असेंबली आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी पहलों के माध्यम से देश कंपोनेंट निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस बदलाव में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत की डिजाइन क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल चुकी है और अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी उसी स्तर तक विकसित करने की आवश्यकता है।
उद्योगों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह
जितिन प्रसाद ने उद्योग जगत से कहा कि सरकारी प्रोत्साहन, सब्सिडी और नीतिगत सहायता विकास को गति देने के साधन हैं, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए उद्योगों को प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनना होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हो रहा है।
एआई से बढ़ेगी एमएसएमई की क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई का उपयोग केवल तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एआई के माध्यम से एमएसएमई अपनी लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में सफल होते हैं, तो यह तकनीक का वास्तविक लाभ होगा।
उन्होंने युवाओं को एआई इनोवेटर्स, रिसर्चर्स और टेक्नोलॉजी एडॉप्टर्स के रूप में तैयार करने तथा आईआईटी कानपुर सहित शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर में भी बढ़ेंगे जीसीसी
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास के साथ मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नोएडा के अलावा अब लखनऊ और कानपुर में भी अधिक से अधिक जीसीसी आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। नई जीसीसी नीति और आईटी नीति के माध्यम से राज्य को आईटी और टेक्नोलॉजी निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
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