नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी
UP is becoming a natural farming hub
IPN Live
Lucknow, 19 Feb, 2026 08:12 PMप्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार
बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी
जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी
अन्नदाता को 'आरोग्यदाता' बनाएगी योगी सरकार
लखनऊ, (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है।
इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है।
बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती
योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल
जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस 'कम लागत, ज्यादा लाभ' वाले कृषि मॉडल पर है।
कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान
गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण
योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर
प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।

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