UP VIDHANSABHA : विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ा मानसून सत्र का दूसरा दिन, 59 हजार करोड का अनुपूरक बजट पेश
UP Vidhan Sabha: Opposition uproar mars second day of monsoon session, Supplementary Budget of Rs 59,000 crore presented
IPN Live
Lucknow, 4 Aug, 2026 08:26 PMलखनऊ, (IPN)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन मंगलवार हंगामें की भेंट चढ़ गया। शोरशराबा और हंगामें के चलते प्रश्नकाल भी नहीं हो सका। विपक्ष वेल में जमा रहा तो वहीं हंगामें के बीच ही विधायी कार्यो का निस्तारण किया गया। इसी बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 59 हजार करोड का अनुपूरक बजट पेश किया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य राममंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गये। सपा सदस्यों के शोरशराबे और हंगामें के चलते मात्र 10 मिनट सदन की कार्यवाही चलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 12ः20 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। बावजूद इसके सपा के उत्तेजित सदस्य शांत नहीं हुए और सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी करते रहे। सपा सदस्यों के हंगामें के बीच ही विधायी कार्यो का निस्तारण किया। इस दौरान सपा के सदस्य वेल में धरना देते हुए नारेबाजी करते रहे।
विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना के बार-बार कहने के बाद भी सपा के सदस्य अपने आसन पर नहीं गए। शोरशराबे के बीच नगर विकास उर्जा मंत्री एके शर्मा, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित अन्य मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की अनुपूरक अनुदान मांगो को सदन के पटल पर रखा। सपा सदस्यों के शोरशराबे और हंगामा कर रहे सदस्यों को आगाह करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आप लोग विशेषाधिकार का हनन कर रहे है। विधानसभाध्यक्ष की चेतावनी के बाद भी सदस्य मानने को तैयार नहीं थे। उन्होनें यहा तक कि सपा के लोगों की सदस्यता समाप्त किए जाने की चेतावनी भी दी, लेकिन सदस्य पूरे दिन वेल में ही जमे रहे और नारेबाजी करते रहे। हंगामें के दौरान ही सपा के सदस्य इं सचिन यादव ने सदन में मौजूद नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटों खीचने लगे इस पर विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना आपत्ति दर्ज कराई। बावजूद इसके वह नहीं माने तो उन्हे बलपूर्वक शेष सत्र के लिए निष्कासित कर दिया गया। साथ ही बाकी सदस्यों को भी चेतावनी दी कि जो भी सदस्य इस तरह का आचरण करेगा उसके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जायेगी।
विधानसभा में आज उस समय स्थिति अभूतपूर्व हो गयी जब नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वक्तव्य देने के लिए खडे हुए तो सपा के सदस्य नारेबाजी और हंगामा करते रहे। शोरशराबे और हंगामें के बीच ही नेता सदन ने अपना पूरा वक्तव्य दिया। उनके वक्तव्य के समाप्त होने तक सपा के सदस्य नारेबाजी और हंगामा करते रहे। शोरशराबे के दौरान भाजपा और सपा सदस्य दोनों आमने-सामने आ गए। सदन के सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की भी की। सदन स्थगित होने के बाद भी सपा के सदस्य नारेबाजी करते रहे और धरना देते रहे।
सपा सदस्यों के हंगामें के बीच ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा सदस्यों का आज आचरण प्रदेश की पच्चीस करोड जनता की भावनाओं से विश्वासघात है जिस मंच का उपयोग जनसमस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए होना चाहिए वहां पर इस तरह का शोरशराबा और हंगामा संवैधानिक मर्यादा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा लोकतां़ित्रक संस्थाओं का अपमान किया है। उसका देश की किसी भी संवैधानिक संस्था पर विश्वास नहीं रहा। विधानसभा में सपा सदस्यों का आज का आचरण अंसैवाधानिक और शर्मनाक है। सत्र से पूर्व दलीय नेताओं की बैठक में जो तय हुआ था कि जनता से जुडे मुदृदो पर चर्चा होगी। लेकिन सपा सदस्यों का आचरण बिलकुल विपरीत है। सपा सदस्यों के शोरशराबे और हंगामें के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना पूराा वक्तव्य पढ़ा। शोरशराबे और हंगामें के कारण सदन की कार्यवाही बुद्धवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
इससे पूर्व सपा सदस्यों के वेल में आने और हंगामा करने पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जिन लोगो ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई, मंदिर निर्माण में बांधाएं डाली सुप्रीमकोर्ट में मंदिर न बनने पाए इसके लिए दर्जनों वकीलों को खडा किया आज वही लोग मंदिर के चढ़ावे चोरी की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीमकोर्ट में लंबित है और जो मामला न्यायालय में लंबित होता है उस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जो जांच रिपोर्ट आई है उसमें भाजपा के किसी नेता कार्यकर्ता का नाम नहीं है। आज ही वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सपा सदस्यों के शोरशराबे और हंगामें के बीच 59 हजार करोड का अनुपूरक बजट पेश किया।

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