UP News : दान विलेख, किरायेदारी विलेख और महिलाओं के पक्ष में रजिस्ट्री पर योगी सरकार की बड़ी रियायत
UP News: Yogi government gives big concession on donation deed, tenancy deed and registry in favor of women
IPN Live
Lucknow, 14 Jan, 2026 01:37 AM योगी सरकार का बड़ा निर्णय, स्टांप और पंजीयन शुल्क में व्यापक कटौती, जनता को मिलेगी सीधी राहत
प्रदेश के नागरिक अब मात्र ₹10 हजार के भीतर करा सकेंगे संपत्ति का पारिवारिक बंटवारा
महिलाओं की रजिस्ट्री पर 1% की मिलेगी विशेष छूट, ₹1 करोड़ तक के रजिस्ट्रेशन पर लागू
विवादों में कमी, पारदर्शिता और सुगम पंजीकरण पर योगी सरकार का फोकस
लखनऊ, (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आम नागरिकों, महिलाओं, छोटे व्यवसायियों और परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से स्टांप एवं पंजीयन शुल्क से जुड़ी महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल कर रही है। इसके तहत, दान विलेख, किरायेदारी विलेख और महिलाओं के पक्ष में रजिस्ट्री पर बड़ी रियायत प्रदान की जा रही है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि संपत्ति से जुड़े लेन-देन, पंजीयन, बंटवारा और दान जैसी प्रक्रियाएं सरल, किफायती और विवादरहित हों। सरकार का यह फैसला लोककल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
मंगलवार को विधान भवन कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारिवारिक अचल संपत्ति के बंटवारे में अब भारी खर्च नहीं करना पड़ेगा। पहले बंटवारे के दौरान लाखों रुपये का स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब पारिवारिक विभाजन विलेख पर स्टांप शुल्क ₹5000 और रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹5000 तक सीमित कर दिया गया है। कुल ₹10 हजार रुपये में परिवार अपनी संपत्तियों का वैध और न्यायसंगत बंटवारा करा सकेंगे। इससे परिवारों में आपसी विवाद कम होंगे, अनावश्यक मुकदमे और न्यायालयों का बोझ घटेगा तथा सही समय पर संपत्ति का स्वामित्व स्थापित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मानना है कि पारिवारिक सौहार्द सामाजिक एकजुटता की आधारशिला है और यह निर्णय उसी सोच का प्रतिबिंब है।
मंत्री जायसवाल ने कहा कि महिलाओं के पक्ष में स्टांप शुल्क में बड़ी राहत दी गई है। अब महिलाओं/बेटियों के नाम दर्ज होने वाले विलेखों पर स्टांप शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। पहले यह सुविधा ₹10 लाख के रजिस्ट्रेशन मूल्य तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक कर दिया है। यानी अब ₹1 करोड़ तक मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री में भी महिलाओं को छूट का लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। छूट की सीमा को 10 गुना तक विस्तार देना सरकार के महिला सशक्तीकरण के प्रति गंभीर संकल्प को दर्शाता है।
मंत्री रवींद्र जायसवाल ने दान विलेख से संबंधित प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों के बीच आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान विलेख पर स्टांप शुल्क की अधिकतम सीमा ₹5000 निर्धारित कर दी गई है। इससे संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया और अधिक सुगम व किफायती होगी। अनधिकृत, अवैध तरीकों से संपत्ति हस्तांतरण की प्रवृत्ति में कमी आएगी और पारिवारिक व्यवसायों के उत्तराधिकार में सुगमता बढ़ेगी। छोटे व्यवसायियों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
किरायेदारी विलेखों पर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किरायेदारी रजिस्ट्री पर स्टांप एवं पंजीयन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इससे किरायेदार और मकान मालिक दोनों के अधिकारों का संरक्षण होगा और किराए के विवादों में कमी आएगी। साथ ही किरायेदारी को औपचारिक स्वरूप मिलेगा, जिससे आवास तथा व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जायसवाल ने कहा कि योगी सरकार की यह पूरी श्रृंखला आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से की गई है। इन फैसलों से पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व प्रणाली मज़बूत होगी, न्यायालयों के बोझ में कमी आएगी और समाज में विश्वास एवं विकास का वातावरण सुदृढ़ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विभाग आम जनता के अनुकूल, सरल और डिजिटल प्रणाली विकसित करने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है, ताकि हर नागरिक को समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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