सड़क सुरक्षा और शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने कसे शिकंजा
Transport department tightens its grip towards road safety and zero mortality rate
IPN Live
Lucknow, 17 Aug, 2026 03:53 AMलखनऊ, 16 अगस्त (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्युदर का लक्ष्य हासिल करने के लिए संबंधित विभागों को लगातार जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है।
विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 15 लाख चालान किए गए और इनके जरिए 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में करीब पांच लाख चालान किए जा चुके हैं, जिनसे 172 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है।
नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई
अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में प्रदेशभर में प्रवर्तन दलों द्वारा नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
15 लाख चालान से वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क
वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दलों ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया।
विभाग का कहना है कि बड़े पैमाने पर की गई यह प्रवर्तन कार्रवाई सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
चार महीने में पांच लाख चालान, 172 करोड़ का जुर्माना
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब पांच लाख चालान किए जा चुके हैं। इनसे 172 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की निरंतरता का संकेत मिलता है।
चालान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा मजबूत करना
परिवहन विभाग के मुताबिक प्रवर्तन कार्रवाई का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों के पालन से ओवरस्पीडिंग, जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने सहित अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।
विभाग का मानना है कि सुरक्षित यातायात के लिए केवल सरकारी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। वाहन चालकों और आम नागरिकों की जिम्मेदार भागीदारी भी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के साथ उत्तर प्रदेश को सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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