विधान परिषद में गूंजा सपा कार्यकताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजे जाने का मामला

The matter of sending SP workers to jail after being implicated in false cases echoed in the Legislative Council

IPN Live

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Lucknow, 30 May, 2022 07:52 PM
विधान परिषद में गूंजा सपा कार्यकताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजे जाने का मामला

लखनऊ, 30 मई 2022 (आईपीएन)। विधान परिषद में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजे जाने का मामला गूंजा। सरकार की ओर से नेता सदन व जलशक्ति मंत्री स्वतन्त्रदेव सिंह ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार न्यायसंगत कार्रवाई कर रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा ऐसा हम जनता को विश्वास दिलाते हैं लेकिन जो लोग दोषी हैं उन्हें सरकार किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। सपा सदस्यों ने वाकआउट किया। 

शून्य प्रहर में सपा सदस्य और नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव व बलराम यादव, आशुतोष सिन्हा, नरेश चन्द्र उत्तम, रणविजय सिंह, डा0मानसिंह यादव ने वाराणसी में सिंबल लोडिंग ई0वी0एम0 मशीनों और चिप पकडे़ जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का पुलिस द्वारा उत्पीड़न किये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। ग्राहय्ता पर सपा के नरेश चन्द्र उत्तम आशुतोष सिन्हा, डा0 मान सिंह यादव एवं नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार आयी है तबसे लगातार प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को चिन्हित करके किसी न किसी झूठे मुकदमें में एफआईआर करे उन्हें फंसाया जा रहा है। सदस्यों ने वाराणसी की 8 मार्च को हुयी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों के बाद 11 मार्च को सरकार ने सपा कार्यकर्ताओं पर दो एफआईआर लालपुर थाने में और जैतपुरा थाने में उर्ज करायी। न्यायालय से अंतरिम जमानत पर छूटे कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा गंभीर धाराएं बढ़ाकर दोबारा जेल भेज दिया गया। उस दौरान चुनाव आयोग ने एडीएम को भी सस्पेंड किया था जिससे साफ जाहिर है कि घोर अनियमितता पायी गयी थी। पुलिस ने बिना किसी साक्ष्य के सरकार के इशारे पर सपा के लोगों को गिरफ्तार किया। 

सरकार की ओर से जवाब देते हुए नेता सदन व जलशक्ति मंत्री स्वतन्त्रदेव सिंह ने विपक्ष द्वारा लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार न्यायसंगत कार्रवाई कर रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं हो रहा है। जो लोग दोषी हैं उन्हें सरकार बख्शेगी नहीं बल्कि उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। सरकार के उत्तर से असंतुष्ट समाजवादी पार्टी के सभी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।

बसपा के अतर सिंह राव, भीमराव अम्बेडकर एवं दिनेश चन्द्रा ने उत्तर प्रदेश के परिवहन निगम में मृतक आश्रितों की नियुक्ति किये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। ग्राहय्ता पर भीमराव अम्बेडकर एवं अतर सिंह राव ने विचार व्यक्त किये। नेता सदन ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। 


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