आजादी के रंग से संवर रही 30 हजार महिलाओं की जिंदगी, हर घर के लिए बना रहीं तिरंगा

The colors of independence are brightening the lives of 30,000 women, making tricolors for every home.

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Lucknow, 11 Aug, 2026 09:07 PM
आजादी के रंग से संवर रही 30 हजार महिलाओं की जिंदगी, हर घर के लिए बना रहीं तिरंगा
योगी सरकार ने 6 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी 2 करोड़ तिरंगे तैयार करने की जिम्मेदारी, अब तक 1.90 करोड़ झंडे तैयार

लखनऊ, 11 अगस्त 2026 (आईपीएन)। स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में इस बार राष्ट्रभक्ति के साथ उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता का रंग भी नजर आएगा। योगी सरकार ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए प्रदेश के 6 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों की करीब 30 हजार महिलाओं को 2 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें से 1.90 करोड़ तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं।

तैयार किए गए इन तिरंगों को ग्राम पंचायतों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराया जा सके।

राष्ट्रभक्ति के साथ रोजगार का अवसर
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) को 2 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। महिलाएं तिरंगों की सिलाई से लेकर उन्हें अंतिम रूप देने तक के काम में जुटी हैं।

यह अभियान एक साथ दो उद्देश्यों को पूरा कर रहा है। एक ओर स्वतंत्रता दिवस के लिए घर-घर तिरंगा पहुंचाने की तैयारी है तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और आय का अवसर मिला है।

6 हजार समूहों की 30 हजार महिलाएं अभियान से जुड़ीं
करीब 6 हजार स्वयं सहायता समूहों की 30 हजार महिलाएं तिरंगा निर्माण से सीधे जुड़ी हैं। निर्माण पूरा होने के बाद तिरंगे ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों और अन्य संस्थाओं को सौंपे जाएंगे। इसके बाद ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इन्हें लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

लखनऊ में महिलाओं के काम और गुणवत्ता का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने मंगलवार को लखनऊ के चिनहट विकासखंड की ग्राम पंचायत जुग्गौर और सिकन्दरपुर पहुंचकर तिरंगा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर उनके काम और तैयार किए जा रहे तिरंगों की गुणवत्ता को भी परखा।

इन गांवों में तुलसी मां स्वयं सहायता समूह, छोटे साहब स्वयं सहायता समूह और बजरंगबली स्वयं सहायता समूह को कुल 1.50 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से करीब 1.30 लाख से अधिक तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं।

आत्मनिर्भरता का माध्यम बना ‘हर घर तिरंगा’
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने श्रम और सामूहिक प्रयास से राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी योगदान दे रही हैं।

सरकार की योजना महिलाओं को केवल तिरंगा निर्माण तक सीमित रखने की नहीं है। आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें वर्षभर आय देने वाली विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास भी जारी है।

कई दूसरे उद्यमों से भी जोड़ी जा रही महिलाएं
आजीविका मिशन विभिन्न विभागों के साथ मिलकर महिला स्वयं सहायता समूहों को मसाला एवं खाद्य प्रसंस्करण, सोलर ड्रायर, सिलाई एवं परिधान निर्माण, अगरबत्ती, डेयरी, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और हस्तशिल्प जैसे उद्यमों से जोड़ रहा है।

इससे महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के स्थायी अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

घर-परिवार की जिम्मेदारी के साथ देशसेवा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान की खासियत यह है कि स्वतंत्रता दिवस के लिए गांव-गांव पहुंचने वाले राष्ट्रीय ध्वजों के निर्माण में स्थानीय महिलाओं की सीधी भागीदारी है। जिन हाथों में घर-परिवार की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं हाथों से तैयार तिरंगे अब प्रदेशभर के घरों और प्रतिष्ठानों पर शान से लहराएंगे।

इस तरह योगी सरकार का ‘हर घर तिरंगा’ अभियान राष्ट्रभक्ति, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका—तीनों को एक साथ जोड़ने की पहल के रूप में सामने आ रहा है।

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