अयोध्या में शनिवार से शुरू होगा सावन झूला मेला, मणिपर्वत पर होगा भव्य झूला विहार

The Sawan Jhula Fair will begin in Ayodhya on Saturday, with a grand swing festival taking place on Maniparvat.

IPN Live

IPN Live

Lucknow, 15 Aug, 2026 12:13 AM
अयोध्या में शनिवार से शुरू होगा सावन झूला मेला, मणिपर्वत पर होगा भव्य झूला विहार
अयोध्या, 14 अगस्त (आईपीएन)। रामनगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल सावन झूला मेला शनिवार से शुरू होगा। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले झूलोत्सव का शुभारंभ मणिपर्वत से होगा, जहां भगवान राम-सीता का भव्य झूला विहार कराया जाएगा। अयोध्याधाम के विभिन्न मंदिरों से 11 झांकियां शोभायात्रा के रूप में मणिपर्वत पहुंचेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले की तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को छह जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया है, जबकि मणिपर्वत क्षेत्र को एक जोन और पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है।

ड्रोन से होगी निगरानी, तैनात रहेगा भारी पुलिस बल
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार मेले के दौरान पुलिस बल की ड्यूटी दो पालियों में लगाई जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर कांस्टेबल और महिला पुलिसकर्मियों तक पर्याप्त बल तैनात किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी की 10 कंपनियां, आरएएफ की दो कंपनियां, एटीएस कमांडो की एक टीम और एसडीआरएफ की दो टीमें भी शामिल रहेंगी। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपात सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आम श्रद्धालु भी झुला सकेंगे रामलला
राम मंदिर के अनुष्ठान प्रभारी एवं महोत्सव के व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि सुरक्षा कारणों से इस बार भगवान झूला बिहारी को मणिपर्वत के बजाय कुबेर नवरत्न टीला पर ले जाकर झूलन विहार कराया जाएगा। यहां पेड़ की डाल पर पहली बार झूला लगाया गया है।

खास बात यह है कि इस व्यवस्था में आम श्रद्धालु भी भगवान को झूला झुला सकेंगे।

सावन शुक्ल तृतीया से अयोध्या में सावन झूला मेले की शुरुआत होती है। इस अवसर पर प्रमुख मंदिरों से भगवान की शोभायात्राएं निकलती हैं, जो मणिपर्वत पहुंचकर धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में परिवर्तित हो जाती हैं।

5 हजार से अधिक मंदिरों में सजेगा झूलोत्सव
अयोध्या में पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हैं। इनमें श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ जी का महल, अशर्फी भवन, रामवल्लभा कुंज, दिव्य कला कुंज, विअहुति भवन, रंग महल, जानकी महल, राज सदन, रूप कला कुंज और मणिराम दास जी की छावनी समेत प्रमुख मंदिरों में झूलोत्सव की विशेष सजावट होगी।

सदियों पुरानी है झूला मेले की परंपरा
अयोध्या में सावन झूला मेला मनाने की परंपरा बेहद प्राचीन मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जब रामलला चार माह के हुए, तब सावन के महीने में माता कौशल्या सहित तीनों माताओं ने चारों भाइयों को झूले पर झुलाया और कजरी गीत सुनाए। तभी से सावन में भगवान को झूला झुलाने की परंपरा चली आ रही है।

हर वर्ष सावन के महीने में अयोध्या के विभिन्न मठों और मंदिरों में यह उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर
प्रशासन ने मेले के दौरान यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मणिपर्वत सहित पूरे अयोध्या क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। विशेष पर्व के दिन यातायात डायवर्जन भी लागू किया जाएगा।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि श्रावण झूला मेला श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। मणिपर्वत समेत पूरे मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में विभाजित कर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन सिस्टम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में इतनी तैनाती
मेले के लिए 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 30 पुलिस उपाधीक्षक, 60 निरीक्षक, 275 उपनिरीक्षक, 150 हेड कांस्टेबल, 800 कांस्टेबल, 30 महिला उपनिरीक्षक, 25 महिला हेड कांस्टेबल और 80 महिला कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।

इसके अलावा पीएसी की 10 कंपनियां, आरएएफ की दो कंपनियां, एटीएस कमांडो की एक टीम, एसडीआरएफ की दो टीमें, 30 हल्का वाहन चालक, 30 ड्रैगन लाइट और दो ड्रोन कैमरे भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं।

सावन झूला मेले के साथ रामनगरी एक बार फिर भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.