भगवान परशुराम जयंती पर लखनऊ में होगा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
Shrimad Bhagwat Katha Gyan Yagya will be organized in Lucknow on Lord Parshuram Jayanti
IPN Live
Lucknow, 26 Apr, 2022 01:34 AMलखनऊ, 25 अप्रैल 2022 (आईपीएन)। भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भारतीय ब्राहमण महासभा आचार्य द्रोण विचार संस्थान ब्रहमसागर महासंघ एवं परशुराम सेना के संयुक्त तत्वावधान में ठाकुरगंज में बाबा गोमतीदास स्थल में प्रतिष्ठापित भगवान श्री परशुराम जी मन्दिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है । उक्त आयोजन की सूचना देते हुए भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड० अनुराग पाण्डेय ने आज अपने कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि भगवान परशुराम जी का प्राकट्य दिवस इस बार 03 मई 2022 को अक्षय तृतीया को पड़ रहा है । संगठन इस बार उनका सोलवा जन्म समारोह आयोजित कर रहा है । इस अवसर पर प्रतिवर्ष सप्तदिवसीय श्रीमदभागवत कथा एवं श्री राम कथाओं का आयोजन किया जाता रहा है । कोरोना काल के विगत दो वर्षों में एक बार आनलाइन कथा इतथा एक बार हवन पूजन आदि का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । आयोजन में बड़े स्तर पर जनता प्रतिभाग करती रही है । श्री पाण्डेय ने बताया कि यह प्रभु की बड़ी अनुकम्पा है कि इस वर्ष महामारी का वह भयानक स्वरूप नहीं है और बचाव के प्रतिबन्धों के साथ हम भगवान के प्राकट्य समारोह का आयोजन कर पा रहे हैं । इसके लिए हमने अपने संगठन सहित अन्य समानान्तर संगठनों को भी साथ लिया है तथा इस कार्यक्रम को हम भव्य तरीके से आयोजित करेंगे आयोजन 26 अप्रैल से 03 मई तक अपने निर्धारित कार्यक्रमानुसार होगा , जिसमें प्रतिदिन नये प्रसंगो , झांकियों का समावेश किया जाएगा ।
श्री पाण्डेय ने कहा कि भगवान परशुराम जी भगवान विष्णु के छठवें अवतार है , इनके पूर्व के अवतार निमित्त मात्र के हैं पर भगवान परशुराम जी पूर्णावतार हैं , शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी का भार हरण करने के लिए वे पृथ्वी पर आए और अत्याचारियों का दमन करके धर्म की स्थापना की वे अजर - अमर हैं तथा कलियुग के अन्त में भगवान कल्कि अवतार को दिशा - निर्देश देने के बाद वे ' स्वधाम गमन करेंगे ।
पत्रकार वार्ता में सहभागिता करते हुए- आचार्य द्रोण विचार संस्थान के संयोजक तेज नारायण पाण्डेय तेजेश ने कहा कि यह बहुत ही विडम्बना की बात है कि अपने को सेकुलर कहने वाली एक पूर्व सरकार ने भगवान परशुराम जी के जन्म दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी , किन्तु वर्तमान की धर्मप्राण सरकार ने तमाम अप्रासंगिक अवकाश घोषित किए हैं पर इस अवकाश को रद्द कर दिया है । इससे ब्राहमणों में बहुत रोष है । राष्ट्रवादी होने के कारण ब्राहमण इस सरकार का समर्थन जरूर कर रहे हैं किन्तु यदि सरकार हमारी मांग को अनदेखा करेगी तो अन्ततः हमें कुछ प्रतिकूल निर्णय लेने के लिए बाध्य होन पडेगा । श्री पाण्डेय ने आई ० ए ० एस ० पी ० सी ० एस ० परीक्षाओं में इस्लामिक स्टडी ' ' अरेबियन कल्चर विषय को हटाकर , भारतीय संस्कृति वेद - वेदांग ' भारतीय वांग्मय जैसे विषयों के समावेश किए जाने की भी मांग की ताकि भारत जैसे धर्मप्राण देश में भारतीयता की रक्षा करने वाले, ' राष्ट्रनिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी नियुक्ति पा सकें । ब्राहमण नेताओं ने ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार पर भी रोष व्यक्ति करते हुए कहा शान्त समुद्र में ज्वार भी आता है और कभी कभी अग्नि की लपटें भी उठती हैं और फिर वे सब कुछ अस्त व्यस्त कर देती हैं अतः कोई इस हेतु बाध्य न करे ।

No Previous Comments found.