राष्ट्रपति ने कहा: यूपी के सदनों में महिलाओं की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत, हर नागरिक के हित में काम करना जनप्रतिनिधियों की संवैधानिक जिम्मेदारी

President said: There is a need to increase the number of women in the houses of UP, it is the constitutional responsibility of the people's representatives to work in the interest of every citizen.

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Lucknow, 6 Jun, 2022 02:07 PM
राष्ट्रपति ने कहा: यूपी के सदनों में महिलाओं की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत, हर नागरिक के हित में काम करना जनप्रतिनिधियों की संवैधानिक जिम्मेदारी

लखनऊ, 06 जून 2022 (आईपीएन)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को विधान मंडल के दोनों सदनों के विशेष सत्र को संबोधित किया। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सत्र में राष्ट्रपति ने यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों को सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को चुने जाने पर बधाई दी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मुझे बताया गया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या 47 है, जो कि कुल सदस्यों 403 का 12 फीसद है, जबकि विधान परिषद में वर्तमान 91 सदस्यों में महिलाओं की संख्या सिर्फ पांच है जो आज लगभग साढे़ पांच प्रतिशत है। जिसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे पैतृक गांव गए और मेरे गांव के लोगों से बातचीत की। कहा कि यूपी आने से प्रियजनों से मिलने का अवसर मिला। बाबा काशी विश्वनाथ के मैंने दर्शन पूजन भी किए।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि लोकसभा के सर्वाधिक सदस्य उत्तर प्रदेश से ही चुने जाते रहे हैं। देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश से ही चुनकर पीएम बने हैं। पहली महिला प्रधानमंत्री का श्रेय उत्तर प्रदेश को ही जाता है। इंदिरा गांधी उत्तर प्रदेश से ही निर्वाचित होकर देश की प्रधानमंत्री बनी थी। उत्तर प्रदेश से स्वाधीनता संग्राम का भी लंबा इतिहास है। स्वाधीनता सेनानी भी काफी हुआ करते थे। महिलाओं के वेतन के मामले में अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश मजबूत है। खाद्यान्न उत्पादन, गन्ना, दुग्ध उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश का अग्रणी स्थान है। देश में एयर कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति काफी बेहतर है। गोरखपुर प्रवास के दौरान लाइट एंड साउंड कार्यक्रम देखा जिससे मन काफी प्रफुल्लित है। उत्तर प्रदेश में क्रांतिवीरों की सूची इतनी लंबी है कि किसी एक संबोधन में सबको याद नहीं किया जा सकता। मेरी इच्छा है कि इनके बारे में शिक्षा दी जाए। उत्तर प्रदेश के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जनसेवा सबसे महत्वपूर्ण कार्य है हर व्यक्ति के हित में काम करना आपकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। 

राष्ट्रपति ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, मुलायम सिंह यादव के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास में उनका भी उल्लेखनीय योगदान है। कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग-अलग हो सकती है लेकिन प्रदेश के विकास में सबका योगदान रहा है। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि संत कबीर नगर का प्रवास मेरे लिए एक तीर्थ जैसा प्रवास रहा है। उन्होंने कहा कि मैं वाराणसी प्रवास पर गया था वहां की गलियां देखकर काफी आनन्दित हूं। वर्ष 1916 में महात्मा गांधी ने सकरी गलियों को लेकर जो असंतोष व्यक्त किया था उसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने ठीक करने का काम किया है। कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वस्थ राजनीति को बढ़ाना है। दोनों पक्षों में वैमनस्य भाव नहीं होना चाहिए। सदन में पूर्व में अगर अमर्यादित व्यवहार हुआ है तो उसे भुलाना चाहिए और सदन की कार्यवाही से भी हटाया जाना चाहिए।

हमें अपने गणतंत्र पर गर्व है: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि यूपी विधानमंडल ने देश को कई महान विभूतियां दी हैं और देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश से बड़े पदों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने गणतंत्र पर गर्व है। राष्ट्रपति का संबोधन विधानमंडल के सभी सदस्यों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा। इससे हम सबको प्रेरणा मिलेगी। 

साधारण से परिवार में जन्म लेने के बाद देश के सर्वाेच्च पद पर पहुंचना भारतीय लोकतंत्र के लिए गर्व की बात है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करने का आग्रह स्वीकार करने के लिए उनका आभार जताया। कहा कि रामनाथ कोविंद का साधारण परिवार से होने के बावजूद सर्वाेच्च पद पर पहुंचना सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि एक साधारण से परिवार में जन्म लेने के बाद देश के सर्वाेच्च पद पर पहुंचना, यह भारत के लोकतंत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अभी पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के आठ वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने देश को पांच मंत्र दिए हैं जिनमें आजादी की अमृत महोत्सव का अर्थ आजादी की ऊर्जा का महोत्सव, स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का महोत्सव, नये विचारों का महोत्सव, नये संकल्पों का महोत्सव व आत्मनिर्भरता को प्राप्त करने का महोत्सव है।

प्रतिपक्ष को अपनी बात कहने का मौका मिलना चाहिए: नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रपति का स्वागत करता हूं। यूपी प्राचीन काल से सत्ता का केंद्र रहा है। यूपी की आजादी में अग्रणी भूमिका रही है। हम महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं। प्रतिपक्ष को अपनी बात कहने का मौका मिलना चाहिए।

राष्ट्रपति की प्रेरणा हमें संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के विशेष सत्र के अवसर पर यूपी विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश से ही ताल्लुक रखने वाले देश के राष्ट्रपति हमारा गौरव हैं। वह एक लंबे समय तक संसदीय परंपराओं का निर्वहन करते रहे हैं उनकी प्रेरणा हमें संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।

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