पैक्ड पानी के नाम पर खतरा! यूपी में 57 नमूने असुरक्षित, संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश
Packaged water poses a threat! 57 samples in UP found unsafe, prompting orders to suspend the licenses of the concerned units.
IPN Live
Lucknow, 14 Oct, 2026 01:00 AM242 नमूनों की जांच में 146 गुणवत्ता मानकों पर फेल, 39 जिलों में मिले असुरक्षित नमूने; एफएसडीए ने उत्पादन बंद कराने और सुधार के बाद ही दोबारा अनुमति देने का जारी किया आदेश
लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। बोतलबंद पानी खरीदने वाले उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर और पैक्ड मिनरल वॉटर की निर्माण इकाइयों से लिए गए 242 नमूनों की प्रयोगशाला जांच में 146 नमूने अधोमानक और 57 नमूने माइक्रोबायोलॉजिकल जांच में असुरक्षित पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने असुरक्षित नमूनों से जुड़ी इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने और तत्काल उत्पादन बंद कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली इकाइयों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 13 अक्टूबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक इकाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
57 नमूनों में संक्रमण के संकेत, उत्पादन पर रोक के निर्देश
विभाग के मुताबिक, असुरक्षित पाए गए नमूनों की माइक्रोबायोलॉजिकल जांच में ई. कोलाई, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड जैसे सूक्ष्मजीवों से संबंधित खामियां सामने आई हैं। ऐसे निष्कर्ष पेयजल की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने असुरक्षित नमूनों से संबंधित निर्माण इकाइयों के खाद्य लाइसेंस निलंबित करने और उनका उत्पादन तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल अनियमितताओं को चिह्नित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाला पैक्ड पानी निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरा उतरे।
जांच में पास होने के बाद ही शुरू होगा उत्पादन
असुरक्षित नमूने मिलने वाली इकाइयों को पहले सभी जरूरी सुधार करने होंगे। इसके बाद टेस्ट ऑफ स्कीम के तहत उत्पाद के पांच बैचों की जांच करानी होगी। प्रत्येक बैच में 1,000 बोतलें शामिल होंगी। जांच में उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी।
वहीं, अधोमानक नमूने मिलने वाली इकाइयों को कमियां दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिए जाने का प्रावधान है। ऐसी इकाइयों को गुणवत्ता में कमी के कारणों का समाधान करने के साथ टेस्ट ऑफ स्कीम के तहत तीन बैचों के नमूनों की जांच करानी होगी।
सुधार का मौके पर होगा सत्यापन, लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई
एफएसडीए ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इकाइयों में सुधार होने के बाद संबंधित मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) मौके पर जाकर उसका भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
निर्धारित अवसर मिलने के बावजूद सुधार नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि निर्माण इकाइयों में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और असुरक्षित उत्पादों के उत्पादन पर रोक लगाना उसकी प्राथमिकता है।
39 जिलों में मिले असुरक्षित नमूने
जारी सूची के अनुसार, प्रदेश के 39 जिलों में असुरक्षित नमूनों से जुड़ी इकाइयां सामने आई हैं। गाजियाबाद और हापुड़ में सर्वाधिक चार-चार नमूने असुरक्षित पाए गए। गौतमबुद्ध नगर और अयोध्या में तीन-तीन, जबकि लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, बरेली, बिजनौर, जौनपुर, हाथरस, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर में दो-दो नमूने असुरक्षित मिले।
इसके अलावा हरदोई, अमेठी, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, कानपुर नगर, शाहजहांपुर, बागपत, मुरादाबाद, रामपुर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, चंदौली, वाराणसी, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, बहराइच, आजमगढ़, चित्रकूट, ललितपुर, संत कबीर नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी, आगरा और लखनऊ में एक-एक नमूना असुरक्षित पाया गया।
चंदौली में 12 नमूने अधोमानक, अयोध्या-बाराबंकी भी पीछे नहीं
अधोमानक नमूनों के मामले में चंदौली जिले में सर्वाधिक 12 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। अयोध्या, बाराबंकी, गाजियाबाद और जौनपुर में आठ-आठ, कानपुर नगर में सात तथा आगरा और बरेली में छह-छह नमूने अधोमानक पाए गए।
प्रयागराज और वाराणसी में पांच-पांच, जबकि गोरखपुर और हापुड़ में चार-चार नमूने अधोमानक मिले। आजमगढ़, बागपत, बलिया, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस, कुशीनगर, मथुरा और उन्नाव में तीन-तीन नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
इसके अलावा अलीगढ़, बांदा, बिजनौर, बदायूं, देवरिया, फिरोजाबाद, हमीरपुर, कन्नौज, शाहजहांपुर और श्रावस्ती में दो-दो नमूने अधोमानक मिले। अंबेडकर नगर, अमेठी, औरैया, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, भदोही, बुलंदशहर, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हरदोई, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़ और शामली में एक-एक नमूना अधोमानक पाया गया।
पैक्ड पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सामने आए इन नतीजों के बाद अब संबंधित निर्माण इकाइयों पर विभागीय कार्रवाई और सुधार की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जांच, नियमानुसार कार्रवाई और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर निगरानी जरूरी है।
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