योगी सरकार के 9 वर्षों में यूपी टूरिज्म ने तय किया ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से ‘टेंपल इकोनॉमी’ का सफर

Over the nine years of the Yogi government, UP Tourism has traversed the journey from a ‘Graveyard Economy’ to a ‘Temple Economy’.

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Lucknow, 25 Mar, 2026 06:25 PM

योगी सरकार में बदली यूपी टूरिज्म की पहचान, वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा उत्तर प्रदेश

तीर्थ स्थलों का विकास और धार्मिक उत्सवों का भव्य आयोजन, यूपी बना देश में पर्यटन का सिरमौर

लखनऊ, (IPN)। उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों के दौरान योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से निकलकर ‘टेंपल इकोनॉमी’ में बदल चुका है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने लोकभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान योगी सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि यह परिवर्तन केवल सोच का नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं का भी प्रतीक बनकर उभरा है। जहां वर्ष 2017 के पहले राज्य सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा कब्रिस्तानों की दीवारें बनाने में खर्च होता था, वहीं अब योगी सरकार में प्रदेश के तीर्थ स्थलों, धार्मिक गलियारों, सांस्कृतिक मार्गों और पर्यटन अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस बदलाव ने उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्द्धन को पर्यटन के विकास से जोड़ा है।

यूपी के आस्था के केंद्र,  तीर्थस्थल बने पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़

पर्यटन मंत्री ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पिछले 9 वर्षों में राज्य में आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम अब आर्थिक विकास का मजबूत आधार बन चुका है। योगी सरकार में तीर्थ विकास परिषदों का निर्माण कर प्रदेश के तीर्थों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विकास किया गया है। अयोध्या, काशी, प्रयागराज, मथुरा के साथ ही मीरजापुर, चित्रकूट, नैमिषारण्य और सहारनपुर स्थित मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल आज प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान बन चुके हैं। इस क्रम में विशेष रूप से काशी विश्वनाथ धाम के कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में 4-5 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं राम मंदिर अयोध्या में वर्ष 2025 के दौरान लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

सांस्कृतिक उत्सव और आयोजन से बढ़ा यूपी में धार्मिक पर्यटन

उत्तर प्रदेश में आयोजित सांस्कृतिक आयोजनों ने भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। दीपोत्सव अयोध्या ने 2025 में 26 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं देव दीपावली वाराणसी को प्रांतीय मेले का दर्जा दिया गया है। 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत, प्रयागराज में आयोजित होने वाला माघ, कुंभ और महाकुंभ मेला, ब्रज का रंगोत्सव जैसे आयोजनों ने पर्यटन को तेज गति से बढ़ावा दिया है। महाकुंभ-2025 का आयोजन इस यात्रा का ऐतिहासिक शिखर माना जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड 66 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। उत्तर प्रदेश की ये सांस्कृतिक परंपराएं और उत्सव अब आर्थिक गतिविधियों का बड़ा स्रोत बन रहीं हैं। इन आयोजनों से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन, प्रसाद, फूल, हस्तशिल्प और लघु उद्यमों को व्यापक लाभ मिला है।

पर्यटन नीति-2022 का सफल क्रियान्वयन, हुआ 5 लाख रोजगार का सृजन

उत्तर प्रदेश में पर्यटन का नीतिगत विस्तार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पर्यटन नीति-2022 को लागू किया गया। इसका परिणाम है कि अब तक उत्तर प्रदेश में ₹36,681 करोड़ से अधिक निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे करीब 5 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। 1,757 पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण भी किया गया है। युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए शोध, प्रचार और मॉनिटरिंग कार्यों में ₹40,000 मासिक स्टाइपेंड देने की व्यवस्था की गई है।

प्रदेश में पर्यटक सुरक्षा और सुविधाएं हुईं सुदृढ़, मिला पर्यटन को बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों—आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, झांसी और लखनऊ में पर्यटन पुलिस तैनात की गई है। साथ ही 850 प्रशिक्षित गाइडों की नियुक्ति की गई है, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके साथ ही ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 234 गांवों का चयन किया गया है और 2026-27 तक 50,000 होम-स्टे कमरे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 16 वन्यजीव क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को विकसित किया जा रहा है। साथ ही तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा हेतु ₹1 लाख तथा सिंधु दर्शन यात्रियों को ₹20 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

पर्यटक आगमन में रिकॉर्ड वृद्धि, घरेलू पर्यटन में यूपी बना प्रथम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एक पर्यटक कम से कम 6 लोगों की आय का माध्यम बनता है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर विशेष ध्यान का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश देश में घरेलू पर्यटक आगमन के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 1 अरब 56 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें लगभग 36 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। केवल अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज में ही वर्ष 2025 के दौरान लगभग 116 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन हुआ, जो राज्य के कुल पर्यटन का करीब 90 प्रतिशत है। 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि योगी सरकार के 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि सांस्कृतिक विरासत और आस्था को आर्थिक शक्ति में बदला जा सकता है। उत्तर प्रदेश अब तीर्थ, पर्यटन और परंपरा के समन्वय से विकास का एक नया मॉडल बनकर देश और दुनिया के सामने आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है।

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