उत्तर प्रदेश में मानचित्र स्वीकृति से बढ़ी जिला पंचायतों की आय, विकास कार्यों को मिली गति
Map approval boosts income of district panchayats in Uttar Pradesh, spurs development work
IPN Live
Lucknow, 26 Feb, 2026 06:38 PM2883 मानचित्र स्वीकृत, 57.42 करोड़ की आय से जिला पंचायतों को मजबूती
ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ी, अवैध निर्माण पर लगी लगाम
ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल, मॉल और स्टेडियम निर्माण को मिली रफ्तार
बढ़े राजस्व से सड़क, नाली और पेयजल जैसी योजनाओं को मिला संबल
लखनऊ, (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में जिला पंचायतों की आय बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रयासरत है।अब ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है, जिससे जिला पंचायतों की राजस्व प्राप्ति में वृद्धि हुई है।पिछले वर्ष 2025 से जनवरी माह 2026 तक जिला पंचायत द्वारा 2883 मानचित्र किए स्वीकृत, 57.42 करोड़ रुपए प्राप्त हुए है।
योगी सरकार के निर्देश पर जिला पंचायतों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति को अनिवार्य किया है। पहले जहां बड़ी संख्या में लोग बिना स्वीकृति के निर्माण कर लेते थे, वहीं अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इससे न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगी है, बल्कि पंचायतों की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परियोजनाएँ जनमानस की सुविधा के लिए बड़े अस्पताल, शॉपिंग माल और स्टेडियम स्थापित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति के माध्यम से जिला पंचायतों द्वारा एक महत्वपूर्ण आय अर्जित हो रही है जिससे विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
मानचित्र स्वीकृति शुल्क, विकास शुल्क और अन्य संबंधित प्रभारों के माध्यम से जिला पंचायतों को नियमित आय प्राप्त हो रही है। यह अतिरिक्त राजस्व सड़कों के निर्माण, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।
डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से स्वीकृति में लगने वाला समय कम हुआ है और भ्रष्टाचार की शिकायतों में भी कमी आई है। कई जिलों में ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
जिला पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज हो रही है और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को मजबूती मिल रही है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी जिला पंचायतें अपने संसाधनों को मजबूत करें और स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाएं। मानचित्र स्वीकृति से बढ़ी आय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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