केजीएमयू के डॉ. मृदुल त्रिपाठी को प्रतिष्ठित ब्रिटिश थोरेसिक सोसाइटी ट्रैवल ग्रांट

KGMU's Dr. Mridul Tripathi receives prestigious British Thoracic Society Travel Grant

26 Aug, 2026 02:25 PM
केजीएमयू के डॉ. मृदुल त्रिपाठी को प्रतिष्ठित ब्रिटिश थोरेसिक सोसाइटी ट्रैवल ग्रांट

लखनऊ, 26 अगस्त (आईपीएन)। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के युवा चिकित्सकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विभाग के जूनियर रेजिडेंट तृतीय वर्ष डॉ. मृदुल त्रिपाठी को 9वीं वार्षिक PAX 2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिष्ठित ब्रिटिश थोरेसिक सोसाइटी (BTS) ट्रैवल ग्रांट के लिए चयनित किया गया है। वहीं, विभाग के डॉ. तुषार सरीन ने ‘स्मार्टर माइंड्स कॉम्पटीशन’ में नॉर्थ जोन में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सांस संबंधी रोगों पर केंद्रित PAX 2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने पल्मोनरी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर, एलर्जी, अस्थमा, टीबी, स्लीप मेडिसिन और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी सहित विभिन्न विषयों पर नवीनतम शोध, उपचार पद्धतियों और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श किया।

उत्कृष्ट शोध के लिए मिला प्रतिष्ठित ट्रैवल ग्रांट

PAX 2026 में प्रस्तुत सैकड़ों शोध-पत्रों में से चुने गए पांच सर्वोच्च पुरस्कारों में ब्रिटिश थोरेसिक सोसाइटी ट्रैवल ग्रांट को सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में माना गया। डॉ. मृदुल त्रिपाठी को यह सम्मान उनके शोध “हाइपरकैपनिक रेस्पिरेटरी फेलियर के साथ भर्ती मरीजों में नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन के फेल होने के लिए जिम्मेदार कारणों पर शोध” के लिए प्रदान किया गया।

उनका अध्ययन गंभीर सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण नई जानकारियां उपलब्ध कराता है। शोध को गहन चिकित्सा एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन के क्षेत्र में भविष्य के उपचार दृष्टिकोण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BTS ट्रैवल ग्रांट के तहत डॉ. मृदुल त्रिपाठी को ब्रिटिश थोरेसिक सोसाइटी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए पंजीकरण, यात्रा और ठहरने आदि से संबंधित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नवंबर 2027 में लंदन, यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तावित है।

डॉ. तुषार सरीन ने भी हासिल की बड़ी उपलब्धि

इसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. तुषार सरीन ने ‘स्मार्टर माइंड्स कॉम्पटीशन’ में नॉर्थ जोन में प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

डॉ. तुषार सरीन ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में भी विजेता का स्थान हासिल किया। उनके पोस्टर की गुणवत्ता और शोध विषयवस्तु से प्रभावित होकर PAX 2026 के आयोजकों ने उनके पोस्टर को PAX जर्नल में प्रकाशित करने का अवसर भी प्रदान किया है।

सामूहिक प्रयास और टीमवर्क का परिणाम : डॉ. सूर्यकान्त

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि डॉ. मृदुल त्रिपाठी और डॉ. तुषार सरीन की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे विभाग की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध संस्कृति और टीमवर्क का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि युवा चिकित्सकों की ऐसी उपलब्धियां केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करती हैं।

डॉ. मृदुल त्रिपाठी ने अपनी उपलब्धि के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त सहित विभाग के सभी चिकित्सा शिक्षकों, सहकर्मी रेजिडेंट्स और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विभाग की सामूहिक मेहनत और सहयोग का प्रतीक है।

कुलपति ने दी बधाई

केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने डॉ. मृदुल त्रिपाठी और डॉ. तुषार सरीन सहित रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने युवा चिकित्सकों की शोध उपलब्धियों को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही विभाग की पहचान

विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त के अनुसार, इससे पहले भी विभाग के कई प्रतिभाशाली युवा चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए ट्रैवल ग्रांट मिल चुका है। इनमें डॉ. अंकित भाटिया, डॉ. आनंद कुमार मौर्य, डॉ. रजनीकांत शुक्ला, डॉ. अभिषेक दुबे, डॉ. सीमा सिंह और पिछले वर्ष डॉ. शुभम शुक्ला शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 वर्षों से विभागाध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने शोध, चिकित्सा शिक्षा और मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। विभाग के 20 से अधिक जूनियर डॉक्टर चिकित्सा शिक्षक बन चुके हैं, जबकि 10 से अधिक एमडी उत्तीर्ण छात्रों को डीएम पल्मोनरी मेडिसिन में प्रवेश मिल चुका है।

केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के युवा चिकित्सकों की लगातार मिल रही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की बेहतर देखभाल के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है।

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