किसी नौजवान का स्वावलम्बी होना देश के लिए सौभाग्य की बात: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रु0 की धनराशि हस्तान्तरित की। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण इस प्रतिबद्धता का प्रमाण कि सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा शिक्षा पर समाज के प्रत्येक वर्ग का समान अधिकार। प्रधानमंत्री का मानना है कि वंचित को वरीयता और पिछड़ों को प्राथमिकता मिले, कोई भी छात्र-छात्रा शिक्षा से वंचित तथा कोई भी नौजवान नौकरी और रोजगार से वंचित न रहे।

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Lucknow, 26 Jan, 2026 01:29 AM
किसी नौजवान का स्वावलम्बी होना देश के लिए सौभाग्य की बात: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की ओर से वंचित वर्गों के सहयोग के क्रम में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छात्रवृत्ति वितरण समारोह आयोजित किया गया है। यह समारोह इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है कि सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा शिक्षा पर समाज के प्रत्येक वर्ग का समान अधिकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि वंचित को वरीयता और पिछड़ों को प्राथमिकता मिले। इसके पीछे का ध्येय है कि कोई भी छात्र-छात्रा शिक्षा से वंचित न रहे तथा कोई भी नौजवान नौकरी और रोजगार से वंचित न रहे। समाज का प्रत्येक तबका स्वावलम्बी बने। किसी नौजवान का स्वावलम्बी होना देश के लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री आज यहां 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि हस्तान्तरित करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से आच्छादित विद्यार्थियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित एवं विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए। छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहाँ अनुसूचित जाति वर्ग के 6,37,012 विद्यार्थियों, सामान्य वर्ग के 3,04,525, अन्य पिछड़ा वर्ग के 7,35,955, अल्पसंख्यक वर्ग के 1,98,139 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के 3,095 अर्थात कुल 18,78,726 विद्यार्थियों को 944 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में उनके बैंक खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से अन्तरित की गई है। राज्य सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर इस कार्य को आगे बढ़ाया है।

अगर नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो भ्रष्टाचार को नियंत्रित किया जा सकता है। आज से 09 वर्ष पूर्व नौजवान भ्रष्टाचार के कारण छात्रवृत्ति नहीं प्राप्त कर पाते थे। पूर्ववर्ती सरकार की नीयत साफ नहीं रहती थी। भ्रष्टाचार के कारण गरीब लाभ से वंचित रह जाते थे और प्रताड़ित होते थे। आज किसी का चेहरा देखकर स्कॉलरशिप नहीं दी जाती है। शिक्षा पर सभी का अधिकार है और सरकार का यह दायित्व है कि उसका यह अधिकार बिना भेदभाव के उसे प्राप्त हो सके। सरकार ने यहाँ अपने उस दायित्व का निर्वहन किया है।

प्रधानमंत्री का मानना है कि वंचितों और पिछड़ों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसी के परिणामस्वरूप टेक्नोलॉजी का उपयोग कर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई। ‘ई-गवर्नेंस से ईजी गवर्नेंस’ का बेस्ट मॉडल सामने आया, जो सुशासन का पर्याय बना है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति बिना भेदभाव के सर्व समावेशी विकास का लाभ प्राप्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार के स्तर पर ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव हो, तब सभी को बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है। तकनीक से किसी लीकेज व कमीशन की गुंजाइश नहीं रहती। संस्थाओं से कहा जाता है कि समय पर छात्रवृत्ति का फॉर्म अपलोड करें। सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। स्कॉलरशिप के लिए पात्र प्रत्येक छात्र को इस सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। सरकार की योजनाओं से परिवर्तन लाया जा सकता है। आज से 09 वर्ष पूर्व गरीब के बच्चों के पढ़ने वाले प्राथमिक विद्यालय बंदी के कगार पर थे। भवन, शिक्षक तथा छात्रों का अभाव था। विद्यालय भवनों में बड़े-बड़े पेड़ उगे होते थे। ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ ने बेसिक शिक्षा का कायाकल्प किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में प्री-प्राइमरी संचालित होगा। इससे बच्चे के लिए बचपन में ही स्कूल जाने और पोषण मिशन के अन्तर्गत सुपोषण की व्यवस्था होगी। इससे उसका बचपन मजबूत हो सकेगा और वह आने वाले समय में देश के लिए अपनी ऊर्जा का उपयोग कर सकेगा। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा लागू किया गया ऑपरेशन कायाकल्प नीति आयोग की सक्सेस स्टोरी में से एक है। जन सहभागिता, कन्वर्जेन्स, शासन के सहयोग व जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से यह सभी कार्यक्रम विद्यालयों में सम्पन्न हुए।

आज से 09 वर्ष पूर्व राजकीय व सहायता प्राप्त इण्टर कॉलेज जर्जर स्थिति में थे। माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन चुकी थी और यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अन्तर्गत आज माध्यमिक विद्यालयों के भव्य भवन फिर से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहाँ गरीबों व श्रमिकों के बच्चे और निराश्रित बच्चे अच्छी शिक्षा ले सकते हैं। अटल आवासीय विद्यालय की तर्ज पर सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार हो रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय को 30-30 करोड़ रुपये निर्माण के लिए दिए गए हैं। गरीब के बच्चे को भी अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। इसलिए निर्देश दिए गए कि इन बच्चों की क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान दिया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में गरीब की बेटियाँ पढ़ती हैं। यहाँ इन बेटियों के लिए केवल आठवीं तक शिक्षा की व्यवस्था थी। सरकार ने इसको इण्टरमीडिएट तक किया। इन बेटियों की शिक्षा का समस्त खर्च सरकार उपलब्ध कराती है। समाज कल्याण विभाग द्वारा सर्वाेदय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। यहाँ क्वालिटी एजुकेशन का सम्पूर्ण खर्च विभाग उठाता है। नये सैनिक स्कूल बनाए जा रहे हैं। हमारे स्कूल शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेण्ट, खेल और नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से नीट, आई0आई0टी0, जे0ई0ई0 या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फिजिकल और वर्चुअल तैयारी की सुविधा उपलब्ध है। इन परीक्षाओं को क्वालीफाई करने वाले नौजवान ही समय देकर अपने-अपने जनपदों में कोचिंग का संचालन भी कर रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में इस योजना से लाभान्वित बच्चे भी अच्छा स्थान प्राप्त कर रहे हैं। अब हमारे बच्चों को दूसरी जगह कोचिंग की सहायता लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

आज प्रदेश के संस्थानों में इण्डस्ट्री की माँग के अनुरूप स्किल डेवलपमेण्ट के प्रोग्राम चल रहे हैं। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से सम्बन्धित सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज प्रारम्भ किए गए हैं। ए0आई0, रोबोटिक, ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा स्पेस टेक्नोलॉजी से सम्बन्धित ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश में ही दी जा रही है।

प्रदेश में खेल का नया इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक गाँव में खेल का मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तथा जनपद स्तर पर स्टेडियम तैयार करवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने खेलो इण्डिया, फिट इण्डिया मूवमेण्ट तथा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता के माध्यम से खेल पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से विधायक खेलकूद प्रतियोगिता, ग्रामीण लीग तथा स्कूल-कॉलेजों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाया है।

प्रदेश में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जा रहा है, जिससे हमारे संस्थान आने वाले समय में अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए नौजवानों को तैयार कर सकें। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के नाम पर मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बन रही है। प्रत्येक कमिश्नरी पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय कॉलेजों में एक-दो खेलों को बढ़ावा देकर उन्हें ‘सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित कर नौजवानों को तराशा जाए। इससे हमारा नौजवान, सम्मान व गौरव के साथ वैश्विक मंच पर आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा वर्तमान में पारदर्शी तरीके से 67 लाख 50 हजार पात्र बुजुर्गों को 01 हजार रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जा रही है। जबकि पहले बुजुर्गों को मात्र 500 रुपये पेंशन प्रतिमाह प्राप्त होती थी और इसमें भी बहुत भ्रष्टाचार व्याप्त था। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अन्तर्गत 9,30,000 परिवारों को आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बेटियाँ पढ़ भी रही हैं और आगे बढ़ भी रही हैं। बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत 05 लाख 20 हजार से अधिक कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराया गया है। प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत प्रत्येक विवाह के लिए दी जा रही धनराशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 01 लाख रुपये कर दिया है।

प्रदेश सरकार द्वारा वृद्धजन के भरण-पोषण व कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। दिव्यांगजन को पहले पेंशन मात्र 300 रुपये दी जाती थी, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह करने का कार्य किया है। मण्डल स्तर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग/उपकरण वितरित करने के लिए उनकी स्क्रीनिंग व जाँच हेतु डी0डी0आर0सी0 का निर्माण किया जा रहा है, ताकि दिव्यांगजनों को वहीं पर इन सुविधाओं से लाभान्वित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपना 77वाँ गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। संविधान के अनुरूप आज देश अपनी सभी व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है। वर्तमान में शासन की सभी विकासपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक तबके को बिना भेदभाव के प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

कार्यक्रम को पंचायतीराज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कुमार कश्यप, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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