उच्च सदन में उठा यूपी की शिक्षा का स्तर गिरने का मामला, सपा ने किया वाकआउट, मंत्री बोले: किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न किया गया है और ना किया जायेगा

Issue of declining education standards in UP raised in the Upper House; SP stages walkout; Minister states: No child's future has been or will be jeopardized.

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Lucknow, 4 Aug, 2026 11:54 PM
उच्च सदन में उठा यूपी की शिक्षा का स्तर गिरने का मामला, सपा ने किया वाकआउट, मंत्री बोले: किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न किया गया है और ना किया जायेगा

लखनऊ, (IPN)। विधान परिषद में आज शिक्षा के गिरते स्तर पर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाकआउट किया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है। बच्चों का भविष्य संवारने का काम किया जा रहा है। शिक्षकों से अधिक से अधिक शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में निचले तबके के व्यक्ति का बच्चा पढ़ने आता है। किसी भी विद्यालय को बन्द नहीं किया गया है। किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया गया और ना किया जायेगा। सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव कार्य कर रही है। जिसका समय-समय पर अनेक माध्यमों से प्रचार-प्रसार भी किया जाता है। जिससे जनता लाभ उठा सके। 

मानसून सत्र के दूसरे दिन उच्च सदन में आज प्रश्न प्रहर शांतिपूर्वक चला। सपा के आशुतोष सिन्हा ने राज्य सरकार द्वारा एक अल्प अनुभव वाली एआई कम्पनी पुच के साथ 25000 करोड़ का एमओयू के संबंध में औद्योगिक विकास मंत्री से प्रश्न किया। औद्योगिक विकास मंत्री के उत्तर से सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। सभापति कुँवर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस इस प्रकरण की जांच करा ले कि यह एमओयू कराने लायक है भी या नहीं।

शून्य प्रहर में नियम 39 में ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षा विभाग की हठधर्मिता के कारण विनियमितीकरण से वंचित तदर्थ नियुक्त प्रधानाचार्यों के विनियमितीकरण करने के संबंध में सूचना दी। जिसपर उमेश द्विवेदी समेत अन्य सदस्यों ने भी अपनी-अपनी बात रखी। नेता सदन व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इसपर शासकीय आदेश दिया जा चुका है। सभापति ने सरकार को निर्देश दिया कि शिक्षा संबंधी मामलों के लिए सदन की जो समिति बनी हुई है, यह मामला उसमें उठाये और बैठक कर सम्मानजनक रास्ता-नियम के दायरे में निकालने का प्रयास करें। सभापति ने यह भी निर्देश दिया कि नेता सदन अगस्त के माह में ही यह बैठक कर लें।

नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदान की मांगों को सदन में प्रस्तुत किया। शून्य प्रहर में ही समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव, राजेन्द्र चौधरी, डा0 मान सिंह यादव, मुकुल यादव, आशुतोष सिन्हा, बलराम यादव, किरण पाल कश्यप, मो0 जासमीर अंसारी, शाहनवाज खान, शाह आलम ने प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। सूचना की ग्राह्यता पर बोलते हुए किरन पाल कश्यप ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है, यह सरकार की कार्य प्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। डा0 मान सिंह यादव ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला है। यह बड़ी विडम्बना है कि भाजपा के जिम्मेदार नेता अपना विकास का मॉडल केवल नारों तक ही सीमित रखते हैं। शिक्षकों की संख्या घट रही है, स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षामित्रों की स्थिति ऐसी हो गयी है कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं। आशुतोष सिन्हा ने कहा शिक्षा की अनदेखी का असर आनेवाली पीढ़ियांे पर पड़ेगा। इस सरकार में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। यह सोची समझी साजिश का नतीजा है। सरकार नहीं चाहती कि शोषित, वंचित, गरीब, अल्पसंख्यक के बच्चे पढ़ें। अगर ये पढ़ गये तो अपने हक के लिए लड़ेंगे। सरकार प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा दे रही है और सरकारी स्कूलों को बन्द कर रही है। शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अनेक कार्य कराये जा रहे हैं। लाल बिहारी यादव ने कहा सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर गिर रहा है। शिक्षा को व्यवसाय की ओर सरकार ले जा रही है। जिससे गांव, गरीब किसान के बच्चे शिक्षा से वंचित रहें। यह सुनियोजित षडयन्त्र है। सरकार की ओर से जवाब देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सदन में विपक्ष ने जो आंकड़े पेश किये हैं वे गलत हैं। विपक्ष पता नहीं कहां से डाटा ले आता है। किसी भी परिषदीय विद्यालय को बन्द करने का निर्णय नहीं लिया गया है। इतना सुनते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गये और सरकार पर गलतबयानी का आरोप लगाते हुए सदन से वाक आउट कर गये। सत्ता पक्ष के सदस्यों, मंत्री ने भी कहा कि विपक्ष के लोग सरकार का पक्ष सुनने की हिम्मत नहीं रखते। अपनी बात कहकर सदन से वाकआउट कर जाते हैं। सभापति ने कहा कि जवाब सुनना चाहिए। उन्होंने मंत्री से अपना पक्ष जारी रखने को कहा। संदीप सिंह ने कहा कि विपक्ष के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। जनता को भ्रमित करके नई पीढ़ी को सड़कों पर लाकर आन्दोलित करने एवं दिशा भ्रमित करने का काम करते हैं। 

निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल एवं डा0 आकाश अग्रवाल ने प्रदेश के एससीईआरटी व डायट में कार्यरत प्रवक्ताओं को ग्रेड-पे 6000 का लाभ दिलाये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। ग्राह्यता पर राजबहादुर सिंह चंदेल ने बोलते हुए कहा कि विसंगति को समाप्त कराकर छह हजार दिया जाये। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया। सभापति कुँवर मानवेन्द्र सिंह ने इस मामले को भी शिक्षा के मामले सुलझाने के लिए नेता सदन की अध्यक्षता में बनी समिति में उठाने का निर्देश दिया। 

भोजनावकाश के बाद सदन की बैठक अधिष्ठाता डा0महेन्द्र कुमार सिंह के सभापतित्व में हुयी। कार्यसूची के मदों को निपटाया गया तथा याचिकाओं को याचिका समिति को संदर्भित करने के बाद अधिष्ठाता ने सदन की कार्यवाही को कल पूर्वाह्न ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। 

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