भारत फिर बनेगा ‘सोने की चिड़िया’, विश्व की बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर : डॉ. राजेश्वर सिंह

India will once again become the 'golden bird', moving towards becoming a major economic power in the world: Dr. Rajeshwar Singh

IPN Live

IPN Live

Lucknow, 5 Nov, 2026 05:04 AM
भारत फिर बनेगा ‘सोने की चिड़िया’, विश्व की बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर : डॉ. राजेश्वर सिंह

आर्यकुल के ‘नवरंग-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सरोजनीनगर विधायक, संस्कृति संरक्षण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवाओं के तकनीकी कौशल पर दिया जोर


लखनऊ, 5 नवंबर 2026 (आईपीएन)। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत अपनी गौरवशाली आर्थिक पहचान फिर हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश का लक्ष्य विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना होना चाहिए। आर्थिक शक्ति केवल समृद्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का भी मजबूत आधार है।


डॉ. राजेश्वर सिंह आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आयोजित 10वें डांडिया महोत्सव ‘नवरंग-2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को भी आवश्यक बताया।


महोत्सव में भारतीय संस्कृति, परंपरा और लोककला की आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। आयोजन का प्रमुख आकर्षण आर्यकुल के चार सदनों वल्लभी, उज्जैन, तक्षशिला और नालंदा के बीच आयोजित डांडिया प्रतियोगिता रही। भगवान विष्णु के दिव्य अवतारों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।


विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पिछले लगभग 10 वर्षों में 80 हजार से अधिक अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है तथा 17 हजार से अधिक पुलिस मुठभेड़ों में 24 हजार से अधिक अपराधी घायल हुए हैं।


उन्होंने युवाओं को भविष्य की तकनीकी संभावनाओं से परिचित कराते हुए कहा कि दीर्घायु विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोटेक्नोलॉजी आने वाले समय के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे। इन क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी दक्षता के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इसलिए उन्हें अभी से इन विषयों में ज्ञान और कौशल विकसित करना चाहिए।


डॉ. राजेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक उस दीपक के समान हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। आने वाली पीढ़ियों के विचार, चरित्र और भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। देश की अपार संपदा ने विदेशी आक्रांताओं को आकर्षित किया और भारत को बार-बार लूटा गया। आज देश फिर अपनी आर्थिक सामर्थ्य और गौरवशाली पहचान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर, समृद्ध और आर्थिक रूप से शक्तिशाली भारत का निर्माण समय की आवश्यकता है।


कार्यक्रम में वीबीयूएसएस अवध प्रांत के क्षेत्र संयोजक एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. जयशंकर प्रसाद पांडेय, प्रांतीय अध्यक्ष एवं बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. सुभाष मिश्र, प्रांतीय सचिव डॉ. मंजुल त्रिवेदी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डॉ. सशक्त सिंह, प्रो. सुनीता कुमार, डॉ. शीर्षेन्दु शील त्रिवेदी, डॉ. अभिषेक तिवारी, डॉ. सुजीत चतुर्वेदी और डॉ. रुचिता चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।


स्थानीय जनप्रतिनिधियों में बंथरा नगर पंचायत के चेयरमैन प्रतिनिधि रंजीत रावत, पार्षद कौशलेन्द्र द्विवेदी, बृजमोहन शर्मा (मुकेश), गीता देवी गुप्ता, लवकुश रावत और के.एन. सिंह शामिल रहे।


#DrRajeshwarSingh #Aryakul #Navrang2026 #IndiaEconomy #GoldenBird #IndianCulture #DandiyaMahotsav #YouthEmpowerment #ArtificialIntelligence #Biotechnology #UttarPradesh #Lucknow #SarojiniNagar #IPN #IPNLIVE #IPNNEWS #IPNLIVEUPDATE #PRACHARNEWS #PRACHARDOTNEWS #PRACHAR_NEWS


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.