यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल, योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी

In UP, 'reused water' will be utilized for purposes other than drinking; the Yogi Cabinet has approved the 'Safe Reuse of Treated Water Policy'.

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Lucknow, 23 Mar, 2026 07:09 PM
यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल, योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी

घरों और उद्योगों में उपयोग किए गए पानी का शोधन कर हो सकेगा दोबारा उपयोग

निर्माण, बागवानी और सिंचाई में बढ़ेगा उपयोग, ड्यूल पाइप सिस्टम से घरों तक पहुंचेगा नॉन-ड्रिंकिंग वॉटर

लखनऊ, (IPN)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए शोधित जल (ट्रीटेड वॉटर) के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी कर ली है। इस नीति का उद्देश्य घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित कर दोबारा उपयोग में लाना है, जिससे पेयजल संसाधनों पर दबाव कम हो सके।

प्रदेश में सिंचाई,  घरेलू,  औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के जरिए शोधित जल के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

नीति के तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले अपशिष्ट जल को ट्रीट कर पहले चरण में नगर निकाय उपयोग, निर्माण कार्य, बागवानी और सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे चरण में उद्योग, कृषि और रेलवे जैसे क्षेत्रों में इसका विस्तार होगा। वहीं तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से जल प्रबंधन को मजबूत बनाया जाए। इस पहल से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर जल निकायों में प्रदूषण भी कम होगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा खपत में भी कमी आएगी।

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