यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर उठता है तो उसकी सुविधाएं बंद नहीं होंगीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

If a person rises above the poverty line, his facilities will not be stopped: Chief Minister Yogi Adityanath

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Lucknow, 20 Feb, 2026 08:00 PM
यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर उठता है तो उसकी सुविधाएं बंद नहीं होंगीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

युवा सशक्तिकरण से उद्योग विस्तार तक, हर सेक्टर में मजबूती से आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

14 हजार से बढ़कर 31 हजार से अधिक कारखाने, ‘इंस्पेक्टर राज’ की जगह ‘फैसिलिटेटर’ कार्य संस्कृति लागू

लखनऊ, (आईपीएन)। विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में युवा सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और औद्योगिक विकास को लेकर व्यापक और परिणामोन्मुखी कार्य किए गए हैं। प्रदेश हर क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ा है। सरकार का लक्ष्य ‘जीरो पॉवर्टी’ की दिशा में कार्य करना है। 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी की रेखा से ऊपर उठाना है। उन्होंने विपक्ष के प्रश्नों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर उठता है तो उसकी सुविधाएं बंद नहीं होंगी बल्कि वह आत्मनिर्भर और स्वावलंबी जीवन जी सके, यह सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह हर उत्तर प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है कि लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं और यह डबल इंजन की सरकार के प्रयासों का परिणाम है।

96 हजार युवक-मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम पहले से संचालित थे, लेकिन उन्हें नई गति दी गई है। प्रदेश में 96,000 से अधिक युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लीग के मैच प्रारंभ हो चुके हैं। विधायक खेलकूद प्रतियोगिता, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता तथा विभिन्न स्टेडियमों के निर्माण के कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन सभी गतिविधियों के लिए पर्याप्त धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। खेल और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए यह महत्वपूर्ण पहल है।

‘इंस्पेक्टर राज’ से ‘फैसिलिटेटर’ संस्कृति की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम और सेवायोजन विभाग में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है। पहले ‘इंस्पेक्टर राज’ की स्थिति थी, जिससे उद्यमियों को अनावश्यक परेशान किया जाता था। अब विभाग ‘फैसिलिटेटर’ की कार्य संस्कृति के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ श्रमिकों के लिए ‘ईज ऑफ क्वालिटी लिविंग’ सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश में कारखानों की संख्या पिछले 8-9 वर्षों में दोगुने से अधिक हो गई है। पहले जहां लगभग 14,000 कारखाने थे, आज उनकी संख्या बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। पिछले दो वर्षों में पूरे देश में सर्वाधिक नए कारखाने स्थापित करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश बना है।

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