नगर निगम मुख्यालय में अभियंत्रण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न : सड़क निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और पूर्ण स्वरूप में कराने के सख्त निर्देश
High-level review meeting of the Engineering Department concluded at the Municipal Corporation Headquarters: Strict instructions were given to ensure quality and complete road construction works.
IPN Live
Lucknow, 9 Feb, 2026 05:40 PM - निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, थर्ड पार्टी जांच अनिवार्य
- नालों की मरम्मत, ढकान और मानसून पूर्व सफाई पर विशेष फोकस
- विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाह ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई के संकेत
लखनऊ, (आईपीएन)। नगर निगम मुख्यालय पर सोमवार को महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में अभियंत्रण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य नगर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा करना रहा। इस अवसर पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, चीफ इंजीनियर सिविल महेश वर्मा सहित सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण और व्यवस्थित करने के निर्देश*
बैठक के दौरान महापौर ने शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी सड़क निर्माण कराया जा रहा है, वहां सड़क को एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी तरह से पूर्ण किया जाए। अधूरे या टुकड़ों में बने कार्यों से नागरिकों को परेशानी होती है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि जल निकासी की समस्या उत्पन्न न हो। चौड़ी सड़कों के किनारे पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरी (फुटपाथ) निर्माण को भी आवश्यक बताया गया।
*गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त रुख*
महापौर ने अभियंत्रण विभाग के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता के कार्य न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी प्रमुख कार्यों की थर्ड पार्टी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अवर अभियंताओं को बिल निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या त्रुटि की संभावना न रहे।
*नालों की मरम्मत और मानसून पूर्व तैयारी पर जोर*
बैठक में नालों की स्थिति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने सभी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नालों के स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन करें। जहां कहीं भी नाले क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल एस्टीमेट तैयार कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर नाले खुले हैं और सड़क मार्ग के पास स्थित हैं, ऐसे नालों को चिन्हित कर उन्हें ढकने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। मानसून से पहले सभी नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित कराने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।
*विकास योजनाओं की समीक्षा और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश*
महापौर द्वारा बैठक में वार्ड विकास निधि, 15वां वित्त आयोग, अवस्थापना निधि, सीएम वैश्विक नगरोदय योजना, सीएम ग्रिड एवं सीएम नगर सृजन योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिन कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। महापौर ने स्पष्ट कहा कि यदि चेतावनी के बावजूद भी कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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