कांग्रेस 1947 में एक बार अड़ गई होती तो देश का विभाजन नहीं होता: सीएम योगी

Had Congress stood firm once in 1947, the country would not have been divided: CM Yogi

15 Aug, 2026 01:22 AM
कांग्रेस 1947 में एक बार अड़ गई होती तो देश का विभाजन नहीं होता: सीएम योगी

अयोध्या, 14 अगस्त (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में कांग्रेस एक बार अड़ गई होती तो देश का विभाजन नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल या नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत नेतृत्व देश के पास होता तो लाखों हिंदुओं का कत्लेआम नहीं होता। मुख्यमंत्री शुक्रवार को दिगंबर अखाड़े में परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।


सीएम योगी ने परमहंस रामचंद्र दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित रहा। वर्ष 1949 से लेकर जीवन के अंतिम समय तक उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


इतिहास से सीख लेने का आह्वान


मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास केवल पढ़ने और परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर देने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह प्रेरणा और सबक भी देता है। इतिहास की घटनाओं से गर्व की अनुभूति होती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि अतीत की गलतियों की अनदेखी करना उन्हें दोहराने का प्रयास करने जैसा है।


योगी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को आजादी से एक दिन पहले केवल हिंदू और सिख ही नहीं कटे थे, बल्कि भारत भी कटा था। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद रखने और उससे सीख लेने की आवश्यकता है।


‘संभल में एकजुटता होती तो अयोध्या में हमला नहीं होता’


मुख्यमंत्री ने 1526 की ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उस समय संभल में श्री हरिहर मंदिर को तोड़े जाने का एकजुट होकर प्रतिकार किया गया होता तो 1528 में अयोध्या में श्रीराम मंदिर को क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस कोई नहीं करता।


उन्होंने कहा कि भारत की कमजोरी का एक बड़ा कारण आंतरिक विभाजन रहा है। समाज को एकजुट होकर देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी होगी।


पाकिस्तान-बांग्लादेश में हिंदुओं की घटनाओं पर सवाल


सीएम योगी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ होने वाली हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि देश के कुछ राजनेता वहां होने वाली घटनाओं पर चुप रहते हैं, जबकि भारत में होने वाली प्रत्येक घटना पर सवाल उठाते हैं।


उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विभाजन के समय तत्कालीन नेतृत्व के सामने देश की एकता से ज्यादा सत्ता महत्वपूर्ण हो गई थी। उन्होंने कहा कि नाम और चेहरे भले बदल गए हों, लेकिन राजनीति करने का तरीका आज भी वही है।


सपा सरकार पर हिंदुओं के हत्यारों को राहत देने का आरोप


मुख्यमंत्री ने संभल में हुए दंगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 1976 और 1978 में हुए हिंसक दंगों में बड़ी संख्या में हिंदुओं की हत्या हुई थी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1996 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने कई मुकदमे वापस ले लिए और दोषियों को सजा नहीं मिली।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में संभल में दंगाइयों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार जांच में हरिहर मंदिर के अलावा 67 तीर्थ, 19 कूप और करीब 10 हजार एकड़ भूमि पर कब्जे की जानकारी सामने आई, जिसे कब्जामुक्त कराया गया।


उन्होंने कहा कि खाली भूमि को गरीबों, दलितों और कमजोर वर्गों के लोगों को आवंटित किया जा रहा है तथा संभल में जिला मुख्यालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज संभल में शांति और सौहार्द का माहौल है।


‘आज बदल गई है अयोध्या’


मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में अयोध्या को पर्वों और त्योहारों से वंचित किया जाता था और शहर को संकरी गलियों तथा गंदगी के लिए जाना जाता था। आज अयोध्या की तस्वीर बदल गई है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।


उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों ने जिस प्रकार संघर्ष किया, वह अकल्पनीय था। परमहंस रामचंद्र दास महाराज भी आंदोलन के प्रमुख संतों में रहे और अंतिम समय तक राम मंदिर निर्माण की चिंता करते रहे।


परमहंस महाराज के योगदान को किया याद


सीएम योगी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ उन्हें अक्सर परमहंस रामचंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए कहते थे। सांसद रहने के दौरान दिल्ली से लखनऊ और फिर गोरखपुर जाते समय उन्हें दिगंबर अखाड़े में परमहंस जी महाराज से मिलने का अवसर मिलता था।


उन्होंने बताया कि महाराज के अंतिम दिनों में भी उन्हें कई बार दर्शन करने का अवसर मिला। वे अक्सर श्रीराम मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी लेते थे।


मुख्यमंत्री ने वर्ष 1990 में रामभक्तों पर हुई गोलीबारी के बाद परमहंस महाराज द्वारा दिगंबर अखाड़े के बाहर रामभक्तों का स्मारक बनवाने का भी उल्लेख किया।


‘रामद्रोहियों से अंतिम दम तक निपटेंगे’


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ी किसी भी अनियमितता या चंदा चोरी के मामले में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि रामद्रोही तत्व अयोध्या धाम, श्रीराम जन्मभूमि और सनातन धर्म को अपमानित कर देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए सभी को सतर्क रहना होगा।


उन्होंने कहा, “जो राम द्रोही होगा, उससे अंतिम दम तक निपटेंगे और पूरी ताकत से उसका मुकाबला भी करेंगे।”


सीएम ने कहा कि यह लंबी लड़ाई है और सत्ता के मद में समाज को मौन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमहंस रामचंद्र दास महाराज की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब समाज एकजुट होकर सनातन मूल्यों और राष्ट्र की एकता के लिए आगे बढ़े।


कार्यक्रम में दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास जी महाराज, संत डॉ. राजेंद्र देवाचार्य जी महाराज, डॉ. रामकमल दास वेदांती जी महाराज, साध्वी ऋतंभरा जी, जगद्गुरु राघवाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु विश्वेश प्रपन्न दास जी, श्री महंत जन्मेजय शरण जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे।


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