नीति आयोग की एबीपी रैंकिंग में गोरखपुर का डंका, बांसगांव ब्लॉक बना नंबर वन

Gorakhpur's dominance in NITI Aayog's ABP ranking, Bansgaon block became number one

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Lucknow, 12 Aug, 2026 07:42 PM
नीति आयोग की एबीपी रैंकिंग में गोरखपुर का डंका, बांसगांव ब्लॉक बना नंबर वन
गोरखपुर, 12 अगस्त 2026 (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में गोरखपुर जिले ने विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही डेल्टा रैंकिंग में गोरखपुर जिले के बांसगांव विकास खंड ने उत्तरी भारत (जोन-2) में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए बांसगांव ब्लॉक को डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली है।

नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर बांसगांव की उपलब्धि की जानकारी दी है। बांसगांव ब्लॉक ने सभी पांच प्रमुख थीम के 39 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत वेटेज हासिल किया।

गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले में किए जा रहे समावेशी विकास कार्यों को दिया है।

पांच थीम और 39 केपीआई में उत्कृष्ट प्रदर्शन

नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का उद्देश्य समावेशी विकास के माध्यम से नागरिकों के जीवन में सुगमता और गुणवत्ता बढ़ाना तथा जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके तहत पांच प्रमुख थीम—स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, आधारभूत ढांचा और सामाजिक विकास के कुल 39 केपीआई के आधार पर आकांक्षी ब्लॉकों का मूल्यांकन किया जाता है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बांसगांव ब्लॉक ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में सभी पांचों थीम के 39 केपीआई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और शत-प्रतिशत वेटेज प्राप्त किया।

पूरे प्रदेश के लिए बना ‘मॉडल ब्लॉक’

बांसगांव, जो कभी विकास की दौड़ में कई चुनौतियों का सामना करता था, आज प्रशासनिक कार्यकुशलता और नवाचारों के बल पर देशभर में ‘मॉडल विकास खंड’ के रूप में उभरकर सामने आया है। इसकी उपलब्धि से न केवल गोरखपुर जिले का गौरव बढ़ा है, बल्कि प्रदेश के अन्य आकांक्षी ब्लॉकों के लिए भी यह प्रेरणादायक उदाहरण बना है।

मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि डेल्टा रैंकिंग में नंबर वन स्थान हासिल करना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बांसगांव क्षेत्र में लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों में किया जाएगा।

गोरखपुर के विकास को मिली राष्ट्रीय पहचान

बांसगांव की इस उपलब्धि ने गोरखपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के समावेशी विकास मॉडल को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। प्रशासन का कहना है कि नीति आयोग की रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करना जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।

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