गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी, चिलुआताल में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट को मिली मंजूरी
Gorakhpur to Become a Solar City; 20 MW Floating Solar Plant at Chilua Tal Approved
IPN Live
Lucknow, 23 Mar, 2026 06:40 PMचिलुआताल में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर प्लांट के लिए करीब 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा
परियोजना के लिए कोल इंडिया लि. को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी पर्यटन विभाग की 28 एकड़ भूमि
लखनऊ, (IPN)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिससे हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मानकों के अनुसार सोलर सिटी के रूप में विकसित शहरों में 5 वर्षों के भीतर पारंपरिक ऊर्जा की कुल मांग में कम से कम 10% की कमी लाना अनिवार्य है। गोरखपुर के लिए यह लक्ष्य लगभग 121.8 मिलियन यूनिट ऊर्जा अक्षय स्रोतों से प्राप्त करना निर्धारित किया गया है।
चिलुआताल में 80 एकड़ जल क्षेत्र पर बनेगा प्लांट
गोरखपुर के तहसील सदर स्थित चिलुआताल में प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर प्लांट के लिए करीब 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। यह क्षेत्र पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग तथा हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के स्वामित्व के अधीन है। परियोजना के लिए पर्यटन विभाग की 11.4181 हेक्टेयर (28.20 एकड़) भूमि कोल इंडिया लिमिटेड को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी इस 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना अपने संसाधनों से करेगी। चिन्हित भूमि ताल श्रेणी की है और धारा-77(1) के अंतर्गत सुरक्षित श्रेणी में आती है। इस पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने से भूमि की मूल प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं होगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।
हर साल 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पादन
इस परियोजना से प्रति वर्ष न्यूनतम 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसे विद्युत ग्रिड में जोड़ा जाएगा। इससे गोरखपुर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी। फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। साथ ही शहर को स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
औरैया और खुर्जा में संचालित हो रहा फ्लोटिंग सोलर प्लांट
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही औरैया में 20 मेगावाट तथा खुर्जा में 11 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। गोरखपुर में प्रस्तावित यह प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा अपने संसाधनों से स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जल सतह पर आधारित होगी और इसके लिए लगभग 80 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने में भी बड़ी मदद मिलेगी तथा प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पछवारा साउथ कोल ब्लॉक विकास को मंजूरी, ₹2242.90 करोड़ की परियोजना से सस्ती बिजली का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक में नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) को आवंटित पछवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास हेतु ₹2242.90 करोड़ की आकलित लागत को मंजूरी प्रदान की गई। यह कंपनी उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड एवं एनएलसी इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। परियोजना का वित्तपोषण 70% ऋण (₹1570.03 करोड़) एवं 30% अंशपूंजी के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें उत्पादन निगम की 49% हिस्सेदारी के अनुसार ₹329.71 करोड़ अंशपूंजी देय होगी। इस कोल ब्लॉक से प्राप्त कोयला मुख्य रूप से कानपुर नगर स्थित 3×660 मेगावाट घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की इकाइयों में उपयोग किया जाएगा। ब्लॉक में खनन कार्य 19 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो चुका है और अगस्त 2026 से कोयला निकासी का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इस कोल ब्लॉक के विकसित होने से घाटमपुर प्लांट में बिजली उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 80 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली सस्ती होगी, जबकि कुल मिलाकर करीब ₹1 प्रति यूनिट तक कमी आने की संभावना है। इससे प्रदेश को सस्ती, सुलभ और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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