स्वास्थ्य सेवाओं में समन्वय, समयबद्धता और जवाबदेही को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : अमित कुमार घोष
Give top priority to coordination, timeliness and accountability in health services: Amit Kumar Ghosh
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Lucknow, 20 Aug, 2026 12:48 AMसेवा प्रदाताओं के भुगतान में अनावश्यक विलंब पर अपर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश
लखनऊ, 19 अगस्त (आईपीएन)। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अमित कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में समन्वय, समयबद्धता, जवाबदेही और परिणामपरक कार्यप्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने ये निर्देश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), उत्तर प्रदेश की कार्यकारी समिति की 139वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में एनएचएम के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, सेवा प्रदाताओं के भुगतान, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य संकेतकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
धनराशि में विलंब होने पर राज्य बजट से करें भुगतान
अमित कुमार घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होने में विलंब हो रहा हो, वहां आवश्यकतानुसार राज्य बजट से धनराशि की व्यवस्था कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो।
सेवा प्रदाताओं के भुगतान में देरी पर नाराजगी
अपर मुख्य सचिव ने विभिन्न सेवाओं के लिए चयनित सेवा प्रदाताओं के भुगतान में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने सभी सेवा प्रदाताओं का भुगतान नियमित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी से कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए इस व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
विशेष सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में यह भी देखा जाएगा कि भुगतान से संबंधित पत्रावलियां किस स्तर पर और किन कारणों से लंबित रहती हैं। अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाएगी।
आकांक्षात्मक ब्लॉकों में माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश
बैठक में आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न इंडीकेटर्स की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने चार प्रमुख इंडीकेटर्स में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संबंधित इंडीकेटर्स के लिए प्रभावी माइक्रो प्लान तैयार किया जाए और उसके क्रियान्वयन की मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के स्तर से नियमित समीक्षा की जाए। आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
लंबे समय से एक ही पद पर तैनात कर्मियों की होगी समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ने लंबे समय से एक ही पद पर तैनात कार्मिकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्मिकों द्वारा अपने दायित्वों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है, उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर अन्यत्र स्थानांतरण पर विचार किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आउटकम-बेस्ड डिसीजन मेकिंग पर विशेष जोर देने को कहा। महानिदेशालय के अधिकारियों और संबंधित जीएम को नियमित संपर्क एवं समन्वय बनाए रखते हुए भुगतान संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हर 15 दिन में भुगतान व्यवस्था की समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ने प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रत्येक 15 दिन में संयुक्त निदेशकों एवं जीएम के साथ बैठक कर भुगतान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने भुगतान व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी और नियमित बनाने के साथ डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया, ताकि भुगतान प्रक्रिया सरल, तेज और प्रभावी हो सके।
टेंडर समाप्त होने से पहले पूरी हो नई चयन प्रक्रिया
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी सेवा प्रदाता का टेंडर समाप्त होने से पहले ही नए सेवा प्रदाता के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए।
बैठक में पब्लिक ब्लॉक हेल्थ यूनिट के क्रियाशील न होने के मामले की भी समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा यूनिट को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में रवि रंजन, वीरेन्द्र सचान एवं महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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